यूं तो कानपुर शहर सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक लिहाज से खूब सक्रिय है। सोशल मीडिया पर झंडा गाड़ने में भी यह शहर पीछे नहीं है। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर जैसे मंचों पर कनपुरिया मौजूदगी अक्सर चर्चा में रहती है। कानपुर के लोग अपनी बोली, कला, उत्पाद और अपने शौक से वर्चुअल वर्ल्ड यानी आभासी दुनिया को बखूबी परिचित करा रहे हैं।
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सबका अपना नजरिया, फेसबुक बना जरिया
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राजू श्रीवास्तव और कवि सुनील जोगी
साल 2018 शुरू होते ही कानपुर के लोगों ने फेसबुक पर अलग-अलग अंदाज में एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं। शीना ने अपनी फेसबुक वॉल पर शहर के प्रसिद्ध स्थानों की तस्वीरें साझा कीं। फेसबुक पर पिछले सप्ताह कानपुर के नाम से बने अलग-अलग एफबी पेजों पर लजीज व्यंजनों, पिकनिक स्पॉट, शहर के फेमस लोगों के बारे में खूब पोस्ट हुई हैं। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के वीडियो, पद्मश्री सम्मान प्राप्त कवि सुनील जोगी की कविता ‘मुश्किल है अपना मेल प्रिये’ छाई रही।
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वाट्सएप पर वायरल ‘अन्नू अवस्थी’ और ‘नटखट ओम नारायण’
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सोशल मीडिया पर वायरल ओम नारायण
वाट्सएप पर कानपुर के ऑडियो और वीडियो खूब वायरल हुए हैं। अन्नू अवस्थी नाम के शख्स की लच्छेदार बातों के यूपीवाले ही नहीं, विदेश में रहने वाले भारतीय भी कायल हो गए। ‘हैलो अन्नू अवस्थी बोल रहे हैं...’ के ‘लड़के के जनेऊ की दावत’, ‘चुनाव का सीजन और संकल्प पत्र’, ‘सैंटा क्लाज’, ‘ससुराल की सोया मेथी’ के ऑडियो जमकर वायरल हुए हैं। इसके अलावा इटावा के 11 साल के बच्चे ओम नारायण गुप्ता की वीडियो क्लिप वाट्सएप पर खूब वायरल हुई। नटखट, मासूम ओम नारायण के एटीट्यूड पर पिता अमर नाथ गुप्ता ने थोड़ी सी ठेस क्या मारी जनाब अपने ही पिता की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए। वहां थानेदार से बोले कि पिता जी को इतना पीटो की उनकी रूह कांप जाए। इस वीडियो को लोगों ने अपने रिश्तेदारों और जानने वालों के बीच खूब शेयर किया। पिछले हफ्ते ओम नारायण सोशल मीडिया का चर्चित चेहरा बना।
ट्विटर पर ‘गूंजा लाउडस्पीकर’ मुद्दा
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सोशल मीडिया वायरल
- कानपुर के लोगों ने धर्मस्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के मामले पर ट्विटर पर जमकर ट्वीट किए। अंशुल सक्सेना लिखते हैं कि सभी धार्मिक स्थानों से अवैध लाउडस्पीकर हटाए जाने चाहिए। आशा है कि यूपी पुलिस मुंबई पुलिस की तरह पक्षपाती कार्रवाई नहीं करेगी।
- विक्रांत यादव लिखते हैं कि अच्छा है जो वैभव लक्ष्मी मंदिर से लाउडस्पीकर हटाए गए। सभी धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकर हटाएं। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी का ये कदम सराहनीय है।
- कुंवर मानवेंद्र और विष्णु बंसल ने भी ट्विटर पर अवैध लाउडस्पीकर के खिलाफ हो रही कार्रवाई को सही ठहराया है।
यूट्यूब पर भी कानपुर की धमक खासी है। कनपुरिया भाषा को यूट्यूब वीडियो के जरिए दूर-दराज के प्रदेशों और देशों में बैठे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इन दिनों यूट्यूब पर ठेठ कनपुरिया भाषा में बने ‘मेक जोक ऑफ’ वीडियो के कार्टून कैरेक्टर्स के मुंह से निकले डायलॉग लोगों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर रहे हैं। वीडियो को बनाने वाले कलाकार ठेठ कनपुरिया बोली में सामाजिक मुद्दों पर तंज कसते हैं। भाभी जी कुछ नहीं बोल रहीं...., नाली में फेंक देबे, बाबा जी दरवाजा खोल दें... कनपटी बजा देबे... जैसे डायलॉग लोगों की जुबान पर छा गए हैं।
मेक जोक ऑफ के यूट्यूब पर 1,730,840 सब्सक्राइबर हैं। इसका हर वीडियो छह लाख से ज्यादा बार देखा गया है। यूट्यूब पर 1 अगस्त 2017 से शुरू हुआ यह चैनल अब तक 146,564,627 से ज्यादा लोगों ने देखा है। खास बात ये है कि चैनल पर अब तक केवल 13 वीडियो ही अपलोड हुए हैं। इतने कम वीडियो कंटेन्ट पर इतने ज्यादा दर्शक हैरानी की बात है। पांच महीने के अंदर ही ये यूट्यूब चैनल सोशल मीडिया पर बहुत पॉपुलर हो गया है।