जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार शाम हुए आतंकी हमले में यूपी के कानपुर देहात के शहीद श्याम बाबू का पार्थिव शरीर लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उनके गांव नोनारी पहुंची। शहीद श्याम बाबू के पार्थिव शरीर को देखकर पत्नी रूबी बिलख-बिलख कर रोने लगीं।
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शहीद की पत्नी को रोता हुआ देख स्मृति ईरानी ने रूबी को गले से लगा लिया। वह स्मृति ईरानी से लिपट कर रोने लगी। शहीद की पत्नी की वेदना देखकर स्मृति ईरानी की आंखों से भी आंसू छलक गए। वो शहीद की पत्नी और उनके परिजनों को ढांढस बंधाते हुए नजर आईं।
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शहीद श्याम बाबू के भाई कमलेश ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान हजारों की भीड़ श्याम बाबू के अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़ी। जिसे देखों उसकी जुबां पर एक ही नारा था। शहीद श्याब बाबू अमर रहें।
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श्याम बाबू की शादी करीब छह साल पहले हुई थी। उसके चार साल का बेटा और छह महीने की एक बेटी है। मकान बनाने का काम चल रहा था, इसके चलते कुछ दिनों से श्याम बाबू छुट्टी पर आए थे।
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श्याम बाबू 29 जनवरी को ड्यूटी पर गए थे और 1 फरवरी को फिर से लौट आए थे। 10 फरवरी को फिर ड्यूटी पर चले गए थे। शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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गुरुवार को सीआरपीएफ जवानों पर पुलवामा में हमले की खबर के बाद परिवार चिंतित हो गया था। मीडिया व अन्य माध्यमों से श्यामबाबू के शहीद होने की सूचना परिजनों को मिल रही थी।
शहीद श्याम बाबू की छह माह की बेटी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शाम करीब करीब साढ़े छह बजे डेरापुर थाने के सिपाही ने घर जाकर सूचना दी। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।