कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा के मामले की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है। एसआईटी ने सभी 17 एफआईआर समेत अन्य दस्तावेज जुटाए हैं। फरार आरोपियों की लोकेशन के बारे में सर्विलांस सेल से जानकारी ली। अब उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू होगी।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
बाबूपुरवा व यतीमखाना में हुई हिंसा में अब तक पुलिस 14 उपद्रवी जेल भेज चुकी है। इसमें नगर पालिका अध्यक्ष बिल्हौर शादाब खान भी शामिल है। एसआईटी प्रमुख एसपी क्राइम राजेश कुमार यादव ने बताया कि सबसे पहले नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू की गई है।
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सत्यापन व साक्ष्य जुटाने के बाद इन सभी को जेल भेजा जाएगा। वहीं 100 से अधिक लोग वीडियो फुटेज व फोटो से चिह्नित किए गए हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने का काम शुरू हो गया है। धरपकड़ शुरू कर उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
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रिमांड पर लिए जा सकते हैं आरोपी
जेल भेजे गए आरोपियों में एक-दो को पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले सकती है। पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है। जानना चाहती है कि आखिर उन्हें किसने भड़काया।
सर्विलांस की कई टीमें लगाई गईं
उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस के लिए कई टीमें लगाई हैं। दरअसल सर्विलांस की टीम ने जो डाटा निकाला है, उसमें हजारों नंबर हैं। इसलिए अलग-अलग टीमों को लगाकर नंबर ट्रेस कराए जा रहे हैं।