मैं अमर हूं! क्या धरती पर ऐसा कहने वाला कोई इंसान है, जवाब मिलेगी नहीं। आखिर कोई अमर कैसे हो सकता है? मृत्यु जीवन का एक शाश्वत सत्य है। सत्य जानते हुए भी मनुष्य भयभीत रहता है। जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु भी निश्चित है। हमारे योगदृष्टा ऋषियों ने मृत्यु संकेतों का सारगर्भित विवेचन किया है। ज्योतिषाचार्य व पं. नरेंद्र दीक्षित बता रहे हैं उन लक्षणों के बारे में जो बताते हैं कि मृत्यु का समय निकट है...
विज्ञापन
2 of 11
डेमाे पिक
- बिना किसी कारण के मोटा शरीर पतला हो जाए और अचानक वजन घटने लगे तो मृत्यु समीप होती है।
विज्ञापन
3 of 11
डेमाे पिक
- जिसके दांत बिना किसी कारण के काले पड़ जाएं।
4 of 11
डेमाे पिक
- कर्णछिद्रों को बंद करने पर कोई आवाज न सुनाई दे तो भी आयु एक मास से अधिक नहीं होगी।
विज्ञापन
5 of 11
डेमाे पिक
- दोनों नेत्रों को बंद करके नासिका के पास आंख का कोना दबायें, जिस दिन आंख का तारा न दिखे उस दिन से 10 दिन तक की आयु शेष है। शीघ्र मरण होगा।
विज्ञापन
6 of 11
डेमाे पिक
- यदि नासिका न दिखायी पड़े अौर व्यक्ति को अपनी जीभ न दिखायी पड़े तो मृत्यु के दो दिन शेष हैं।
विज्ञापन
7 of 11
डेमाे पिक
- जिसके हाथ-पैर आदि के पीड़ित करने पर भी पीड़ा का अनुभव न हो तो उसकी शीघ्र मृत्यु निश्चित है।
8 of 11
डेमाे पिक
- जिसके हांथ पैरों पर डाला गया जल शीघ्र सूख जाएं उसकी मृत्यु निश्चिच होती है।
9 of 11
डेमाे पिक
- जिस भी व्यक्ति का मृत्यु समय निकट होता है उसके मन में बेचैनी शुरू हो जाती है।
10 of 11
डेमाे पिक
- नासिका का दायां या बायां दोनों में से कोई भी स्वर लगातार 24 घंटे चले तो मृत्यु 6 दिन की है।