टिकट कटने पर सपा से नाता तोड़ने वाले श्यामाचरण गुप्त ने टिकट मिलने पर फिर सपा का दामन थाम लिया है। पिछले चुनाव में सपा से टिकट न मिलने पर वह भाजपा में शामिल हो गए और वहां से टिकट लेकर प्रयागराज के सांसद बन गए। गठबंधन में मिली बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट पर उन्हें टिकट मिलने से अन्य दावेदार हाथ मलते रह गए। श्यामाचरण इसके पूर्व भी बांदा से सपा के सांसद रह चुके हैं।
विज्ञापन
2 of 10
पूर्व भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को प्रयागराज के भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त के सपा में शामिल होने और लगे हाथ बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट से टिकट का तोहफा मिल जाने के बाद सपा और बसपा के गलियारों में राजनीतिक सरगर्मियां बन गईं। उधर, भाजपा में भी गुणा-भाग और कयासबाजी शुरू हो गई। इसके पूर्व यहां गठबंधन से सपा के मिर्जापुर के पूर्व सांसद बालकुमार पटेल का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में था।
विज्ञापन
3 of 10
पूर्व भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
श्यामाचरण वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर बांदा-चित्रकूट से चुनाव जीतकर सांसद चुने गए थे। उन्होंने बसपा के रामसजीवन को 56 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। 1999 में भी सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन बसपा के रामसजीवन से हार गए थे। श्यामाचरण को सपा में शामिल कर गठबंधन का प्रत्याशी घोषित करके बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट पर प्रत्याशी की घोषणा में सपा अव्वल रही है।
4 of 10
श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा और कांग्रेस अब तक अपने प्रत्याशी नहीं घोषित कर पाए हैं। कांग्रेस के गलियारों में चर्चा है कि यहां भी दूसरे दल से आने वाले को टिकट का तोहफा मिल सकता है। 1989 में भाजपा से इलाहाबाद के मेयर बने। 1991 में कमल के निशान पर ही इलाहाबाद से चुनाव लड़े। 1999 में बांदा-चित्रकूट से सपा से चुनाव लड़े। 2009 में प्रयागराज के फूलपुर लोकसभा क्षेत्र से सपा से चुनाव लड़े।
विज्ञापन
5 of 10
श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
2014 में प्रयागराज से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए। पत्नी जमुनोत्री गुप्ता 1995 में भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं। बुंदेलखंड में लोकसभा चुनाव भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच ही सीमित रहेगा। अन्य दलों की फिलहाल यहां कोई खास हलचल नहीं है। उधर, उद्योगपति के साथ कई चुनाव लड़कर राजनीति में माहिर हो चुके श्यामाचरण की गठबंधन प्रत्याशिता से भाजपा और कांग्रेस को अपने प्रत्याशी चयन में रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
विज्ञापन
6 of 10
श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
माना जा रहा है कि श्यामाचरण को गठबंधन (सपा-बसपा) के वोटों के साथ स्वजातीय वैश्य वोट भी हासिल होंगे। ऐसे में वह भाजपा और कांग्रेस को तगड़ी टक्कर दे सकते हैं। लोकसभा चुनाव में बांदा-चित्रकूट सीट से सपा-बसपा गठबंधन का टिकट उद्योगपति सांसद श्यामाचरण गुप्ता को मिल जाने के बाद बन रहे चुनावी समीकरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि अभी तक भाजपा व कांग्रेस पार्टी ने किसी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा।
विज्ञापन
7 of 10
श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
माना जा रहा है कि वैश्य समुदाय से सपा का प्रत्याशी आने से भाजपा को नुकसान होगा। शनिवार की दोपहर को अचानक बदले समीकरण में प्रयागराज से भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा देकर सपा ज्वाइन कर ली। जिसके फलस्वरूप सपा बसपा गठबंधन ने उन्हें बांदा चित्रकूट सीट का टिकट देकर इनाम दिया। अब सबकी निगाहें भाजपा व कांग्रेस की ओर टिकी हैं कि आखिर इनका प्रत्याशी कौन होगा।
8 of 10
श्यामाचरण गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
सपा-बसपा गठबंधन सीट से प्रत्याशी की घोषणा कर सबसे पहले बाजी मारी है। अब अन्य दल के पदाधिकारियों में गहन मंथन चल रहा है कि आखिर किसे प्रत्याशी बनाया जाए ताकि इससे मुकाबला कर जीत हासिल की जा सके। मानिकपुर क्षेत्र के ऊंचाडीह गांव के निवासी सांसद श्यामा चरण गुप्ता बीड़ी के व्यापार से अपने कारोबार को बढ़ाया। मानिक पुर कस्बे से इसकी शुरूआत की । क्षेत्र में डकैतों की समस्या को देखते हुए परिवार सहित प्रयागराज चले गए।
9 of 10
श्यामाचरण गुप्ता, अखिलेश यादव
जहां से अपना कारोबार चला रहे हैं। आज भी मानिकपुर कस्बे में इनका मकान बना हुआ है। जिसमें परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। जिले के मऊ क्षेत्र व चित्रकूट में दुग्ध डेरी के प्लांट लगे हुए हैं। पाठा क्षेत्र के जंगलों में होने वाली तेंदुपत्ता सांसद श्यामा चरण के परिवार के लिए वरदान साबित हुआ। इनके पिता स्व. सेठ तीरथ प्रसाद ने मानिकपुर कस्बे से बीड़ी का कारोबार शुरू किया। जिसको उनके पुत्र सांसद श्यामा चरण ने संभाल लिया।
बीड़ी का कारोबार चल पड़ा लेकिन पाठा क्षेत्र के डकैतोें के कारण कारोबार करने में समस्या आ रही थी। जिसको देखते हुए प्रयागराज में घर बनवाकर परिवार रहने लगा यही से कारोबार इस समय कर रहे हैं। सांसद के छोटे भाई उमाचरण मप्र क्षेत्र स्थित सतना में अन्य कारोबार से जुडे़ हुए हैं। जो सतना से मेयर भी रह चुके हैं। सांसद श्यामा चरण गुप्ता के पिता सेठ तीरथ प्रसाद का एक बार रास्ते में मप्र प्रदेश के जलबपुर के पास से अपहरण उनकी निजी गाड़ी से हो गया। जिसमें स्थानीय डकैत तो शामिल नहीं थे।