कानपुर नानाराव पार्क में चल रहे श्रीश्याम महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को श्रीश्याम सेवा सदन ट्रस्ट की ओर से श्रीश्याम खाटू वाले के जीवन चरित्र पर आधारित श्रीअखंड ज्योति पाठ आयोजित किया गया। इस दौरान कोलकाता की कमला देवी कांकणी मौसीजी और बंगरा के छोटे महाराज भी मौजूद थे। इसके बाद गायकों ने श्याम बाबा के एक से बढ़कर एक भजन पेश कर भक्तों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। रात में 108 दीपों से महाआरती और चंग उत्सव के साथ उत्सव का समापन हुआ।
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श्याम महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
श्रीश्यामजी मित्र मंडल की ओर से आयोजित 33वें श्रीश्याम महोत्सव में दोपहर में भजनों की कमान दिल्ली के चैतन्य दधीच ने संभाली। दुनिया बदल दी मेरी मुझको गले लगाके...भजन से उन्होंने भक्तों को खूब झुमाया। मैं मांगता तुझसे मेरे बाबा एक चीज मुझको जरूर देना, न दे जमाने की सारी खुशियां मगर न मुझको गुरूर देना...भजन से भक्तों को भाव -विभोर कर दिया। इस दौरान पंडाल में जयश्री श्याम के उद्घोष गूंज उठे।
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श्याम महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जयपुर की सुरभि चतुर्वेदी ने काली काली आंखों के फंदे क्यों डाले, हमें जिंदा रहने दे ऐ मुरली वाले...भजन गाया। कोलकाता के रवि बेरीवालने मेरे सपनों में आते हैं खाटू के बाबा श्याम...भजन पेश किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्त खाटू श्याम के श्रीविग्रह का दर्शन करने पहुंचे। किसी ने बाबा को 56 भोग अर्पित किया तो किसी ने अखंड ज्योति के दर्शन किए। दूसरे दिन बाबा का शृंगार कोलकाता व जयपुर के कुशल कारीगरों ने किया।
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श्याम महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
बाबा की पोशाक को जड़ाऊ, बूटी, मीना, ज़री व नगों से सजाया गया। थाईलैंड से खास तौर पर मंगाए गए फूलों से बाबा के श्रीविग्रह का भव्य शृंगार किया गया। दरबार में कई झूमर आकर्षण का केंद्र बने रहे। इस दौरान अध्यक्ष अजय सरावगी, महामंत्री राकेश शर्मा, महोत्सव संयोजक अनुपम अग्रवाल, संजय सरावगी, गोविंद अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विकास अग्रवाल आदि मौजूद थे। संचालन मीडिया प्रभारी आशीष गोयल ने किया।
खाटू के बाबा श्याम का दरबार राजस्थान में
आशीष गोयल ने बताया कि भीम पुत्र घटोत्कच के पुत्र का नाम बर्बरीक था। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण को अपने शीश का दान देकर उनसे यह वरदान पाया था कि कलिकाल में खाटू के बाबा श्याम नाम से उनकी घर-घर में पूजा होगी। राजस्थान के सीकर जिले में रींगस से 17 किलोमीटर की दूरी पर बाबा श्याम का दरबार स्थित है। यह दुनिया में खाटू धाम के नाम से सुविख्यात है।