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भाजपा नेता पर जूूता फेंकने वोले डा. शक्ति भार्गव ने कहा- प्लानिंग करके गया था, नहीं है कोई पछतावा

Sat, 20 Apr 2019 04:34 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डॉ. शक्ति भार्गव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में बृहस्पतिवार को भाजपा प्रवक्ता की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा की ओर जूता फेंकने वाले डा. शक्ति भार्गव को जूता फेंकने का जरा भी अफसोस नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें कोई खेद नहीं है। वो प्लानिंग करके दिल्ली गए थे। वहां पर पार्टी प्रवक्ता प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे इसलिए उन पर जूता फें का। यदि कोई और होता तो भी जूता फेंकते।

 
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शक्ति भार्गव ने जीवीएल राव पर फेंका जूता (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
उनका कहना है कि पूरे मसले पर खेद सरकार को होना चाहिए। शुक्रवार को पार्वती बागला रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से मुखातिब डा. भार्गव ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि बीआईसी के तीन बंगले उन्होंने नियमानुसार खरीदे हैं। इन बंगलों पर कोई भी विवाद नहीं है। ऐसे में इन बंगलों को सरकार को हर प्रकार की क्लीयरेंस देना चाहिए।

 
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जूता फेंकने वाला शख्स शक्ति भार्गव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इस मामले को लेकर 2014 से अब तक पीएमओ, सीबीआई, विजिलेंस को सैकड़ों बार पत्राचार कर चुके हैं लेकिन सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा है। उनका कहना है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। दरअसल उन्होंने बीआईसी के 11 अन्य बंगलों के  संबंध में सीबीआई से शिकायत कर रखी है। इनकी बंगलों की कीमत मौजूदा समय में 500 करोड़ से अधिक हैं जिन्हें शहर के तमाम रसूखदारों ने खरीदा है।

 

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शक्ति भार्गव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
हालांकि जब उनसे नाम पूछे गए तो नाम नहीं बताए। कहा कि ये बड़े लोग हैं। इनके इशारे पर ही उन पर आयकर की रेड डलवाई गई थी। उनके घर में मिली एक लाख से अधिक की पुरानी करेंसी वहां पर रखवाई गई थी। उनके आवास पर पुरानी करेंसी कैसे पहुंची? इस सवाल पर बोले यह सब बरामद करवाना बड़ा आसान होता है। आयकर विभाग को वे अपनी आय के स्रोत के संबंध में सभी दस्तावेज दे चुके हैं।


 
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शक्ति भार्गव (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
उन्होंने ही बीआईसी के बंगलों में गड़बड़ी का मामला सबसे पहले 2014 में उठाया था। इसके बाद 2015 में सीबीआई को मामला जांच के लिए रेफर किया गया था। 2018 में सीबीआई ने अपनी जांच का शपथपत्र सुप्रीम कोर्ट में रखा था। जिसमें कहा गया था कि यह बहुत बड़ी गड़बड़ी का मामला नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख तेवर दिखाते हुए सही तरीके से जांच करने को कहा था। इसके बाद सीबीआई ने नवंबर 2018 में बीआईसी के पूर्व सीएस केसी बाजपेई और सीएमडी केएस दुग्गल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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