रावण का जन्म दशमी के ही दिन हुआ था और उसी दिन उनकी मृत्यु भी हुई। यह दिन विजदशमी के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। विजयदशमी का उत्साह कानपुर में भी देखने काे मिला। जहां लाेगाें ने असत्य पर सत्य की जीत कि खुशियां मनाई। इसमेंं माैसम ने भी उनका साथ दिया। जब माैसम का मिजाज खूबसूरत हाे ताे लाेग इस पल काे कैसे छाेड़ सकते हैं। लाेगाें ने दिन में ही शहर भर में अासमान छूते रावण के साथ सेल्फी लेकर जश्न मनाया। अागे देखिए कानपुर में रावण के साथ सेल्फी का कैसा था क्रेज...
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शास्त्रीनगर में बड़ा सेंटर में लगे रावण के पुतले ने खूब लुभाया
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कानपुर के शास्त्री नगर बड़ा सेंटर में खड़ा रावण का पुतला
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
वहीं कानपुर के शास्त्रीनगर में बड़ा सेंटर के रावण के पुतले ने लोगों को बहुत लुभाया। दरअसल पुतले की आखों और मुकुट को लड़ियों से सजाया गया था। इस पुतले के दहन को देखने के भारी भीड़ जमा हुई।
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कानपुर में जलाए गए आतंकवाद के पुतले
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परेड मैदान में रावण के पुतला, कानपुर
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कानपुर में इस बार रावण पुतलों के दहन के दौरान खास बात यह रही कि यहां आतंकवाद के पुतले भी फूंके गए। कहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पुतले को दशानन बनाकर जलाया गया तो कहीं पर हाफिज सईद का पुतला फूंका गया।
शहर के गली-कूचों से लेकर बड़े-बड़े इलाकों में हुआ रावण का पुतला दहन
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कानपुर के शास्त्री नगर में सिंधी कॉलोनी के दशहरे में खड़ा रावण का पुतला
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
यूं तो शहर में हर इलाके में विशेष रावण बनाया गया था। लेकिन कुछ इलाके ऐसे भी थे जहां हर गली-कूचे में रावण के पुतले देखे गए। अकेले शास्त्री नगर में ही कई जगहों पर रावण के पुतले दहन हए।
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रावण के पुतलों के साथ सेल्फी का क्रेज
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गोविंद नगर रामलीला मैदान में रावण के पुतले तस्वीर खींचती दो महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
रावण के पुतलों के साथ सेल्फी का क्रेज भी देखा गया। शहर के कई इलाकों में लोग अपने मित्रों, परिजनों के साथ मिलकर रावण के साथ फोटो खिंचाते देखे गए। गोविंद नगर में रामलीला मैदान पर लोगों की जुबान से खुद-ब-खुद फूट पड़ा 'सेल्फी विद रावण'। यह सुन अमर उजाला का फोटोग्राफर भी चौकन्ना हो गया और उसने दो महिलाओंं को रावण के साथ सेल्फी लेते हुए उनकी तस्वीर खींच ली।
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रिक्शा पर रावण
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रिक्शा में रावण का पुतला, कानपुर
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
दशहरे से एक दिन पहले रावण के पुतलों को इंतजाम कर लिया जाता है, लेकिन इस बार पुतलों की डिमांड इतनी ज्यादा रही कि दिन के दिन रावण के पुतले वाहनों पर दौड़ते नजर आए। ज्यादातर गली-मोहल्लों में जलाए जाने वाले रावण के पुतले दिन के दिन डिलीवर किए गए।
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पार्क में रावण का पुतला दहन
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कानपुर की सिंधी कॉलोनी में बना रावण का पुतला
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कई जगहों पर शहर के पार्कों में रावण का पुतला दहन किया गया।
धमाकेदार रावण
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दहन से पहले रावण के पुतले की तस्वीर, कानपुर
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कई रावण के पुतले पूरे पूरे हाथ-पैर समेत नजर आए तो कई जगह जुगाड़ू पुतले भी दिखे। जुगाड़ू पुतलों का धड़ एक बल्ली के सहारे खड़ा किया गया जिसमें उनके पैर गायब थे। यह भी रोचक था। दरअसल, जिन पुतलों में पूरे हाथ-पैर नजर आए उनमें किसी तरीके की तब्दीली नहीं की जा सकी लेकिन जुगाड़ू पुतलों में बाद तक पटाखों की संख्या बढ़ाई जा सकी।
रावण के जुगाड़ू पुलते
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कानपुर के साकेत नगर में खड़ा रावण का पुतला
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कानपुर के साकेत नगर का रावण का पुतला ऐसा ही जुगाड़ू पुलता था। इसके पैर नहीं थे। रावण के धड़ को एक बल्ली के सहारे खड़ा किया गया था।