कानपुर के छेदी सिंह का पुरवा में सोमवार की दोपहर को एक लंगूर धूप सेंक रहा था। पास में ही कुछ बंदर भी उत्पात मचा रहे थे। मोहल्ले वालों के दौड़ाने पर बंदर तो भाग निकले, लेकिन सीधे स्वभाव का एक लंगूर वहीं बैठा रहा।
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कानपुर में घायल बंदर का प्राथमिक उपचार करता लड़का
- फोटो : अाे पी वाधवानी
तभी मोहल्ले के एक युवक ने लंगूर को डंडों और पत्थर से पीटना शुरू कर दिया। उसके मुंह और सिर पर इतनी जोर से मारा कि मुंह फट गया, खून बहने लगा। मोहल्ले वालों के विरोध करने पर शरारती युवक वहां से भाग निकला लेकिन लंगूर बुरी तरह घायल हो चुका था।
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घायल बंदर के मुंह से निकलता खून पोछता लड़का
- फोटो : अाे पी वाधवानी
दिखना बंद हो जाने से वह वह इधर उधर गिरता-पड़ता आता-जाता रहा। इसके बाद मोहल्ले के ही धर्मेंद्र और राकेश गौड़ ने उसका प्राथमिक इलाज किया। उनकी सूचना पर घंटों बाद पहुंची वन विभाग की टीम लंगूर को पशु चिकित्सालय ले गई।
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घायल बंदर को पानी पिलाता लड़का
- फोटो : अाे पी वाधवानी
एक तरफ एक युवक ने लंगूर को पीटकर बुरी तरह से घायल कर दिया। वहीं दूसरी तरफ मोहल्ले के ही दो युवकों ने इंसानियत का परिचय दिया। कपड़े से लंगूर का खून पोछा फिर घायल लंगूर का प्राथमिक इलाज किया। इसके बाद पानी पिलाया।
पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल) से जुड़ी अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि डीएम की तरफ से उन्हें बताया गया कि पिटाई से घायल लंगूर को दिखाई नहीं दे रहा है। वह कुछ दूर चलने के बाद जमीन पर गिर जाता है। लंगूर को पीटा गया है, यह उन्हें नहीं बताया गया। मंगलवार को लंगूर को पशु चिकित्सक देखेंगे।