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सुरक्षा कवच: ओईएफ में बनी बुलेट प्रूफ जैकेट, एके-47 की गोलियों भी हैं बेअसर, अब तक की सबसे हल्की जैकेट

Wed, 08 Jun 2022 10:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आयुध उपस्कर निर्माणी, ओईएफ ने अब तक की सबसे हल्की जैकेट बनाई हे, जो 50 मीटर दूर से चली गोली झेलने में भी सक्षम है। निर्माणी के सभागार में हुए समारोह में 164 जैकेट असम पुलिस को जैकेट सौंपी गई है। 
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असम पुलिस को जैकेट सौंपते ओईएफ के अपर महाप्रबंधक वीके चौधरी और अन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड की इकाई आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ), कानपुर में तैयार की गई बुलेट प्रूफ जैकेट (भाभा कवच) की पहली खेप असम पुलिस को सौंप दी गई। इस जैकेट पर एके-47 से 50 मीटर की दूरी से मारी गईं गोलियों भी असर नहीं करेंगी। नाइन एमएम पिस्टल से 10 मीटर की दूरी से चली गोली भी इसे भेद नहीं पाएगी। भाभा कवच देश में तैयार अब तक की सबसे हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट है। 

निर्माणी के अस्थायी कार्यभार अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि असम पुलिस ने 164 जैकेटों का आर्डर दिया था। बिहार पुलिस ने भी 20 जैकेटों का आर्डर दिया है। भाभा कवच को ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड और मिदानी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर (बार्क) ने इसके लिए कार्बन नैनो ट्यूब टेक्नोलॉजी दी। यह जैकेट भारतीय मानक ब्यूरो लेवल पांच को तो पूरा करती ही है।

साथ ही जवानों को 360 डिग्री पर सुरक्षा देगी। इससे गर्दन और कंधे तक का बचाव किया जा सकेगा। सिर्फ 9.3 किलोग्राम की यह जैकेट अब तक की सबसे हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट है। जैकेट में दो मैगजीन के साथ-साथ दो ग्रेनेड पॉकेट भी हैं। इसे धोया जा सकता है और कम से कम पांच साल इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जैकेट खरीद के लिए देश भर में राज्यों के डीजीपी को पत्र भेजे गए हैं। 
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फूलबाग स्थित ओईएफ में तैयार की गई बुलेट प्रूफ जैकेट - फोटो : अमर उजाला
साथ ही सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी के उच्च अफसरों से भी पत्राचार किया गया है। मंगलवार को हुए निर्माणी के सभागार में हुए समारोह में उन्होंने असम पुलिस के एसआई राम प्रसाद को जैकेट सौंपी। इस दौरान अपर महाप्रबंधक एमसी बालासुब्रमण्यम, उप महाप्रबंधक अनुराग यादव भी मौजूद रहे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
टकराने के बाद टूट जाएगी गोली की नोजल
जैकेट में कॉर्बन नैनो ट्यूब तकनीक का उपयोग किया गया है। आर्मर में बोरान कार्बाइड सेरेमिक प्लेट लगी है। इस वजह से ही बुलेट प्रूफ जैकेट से टकराकर गोली की नोजल टूट जाएगी। एके-47 के छह-छह शॉट सामने व पीछे से, तीन-तीन शॉट साइड से रोकने में सक्षम है। हालांकि दो हिट्स के बीच कम से कम 51 मिलीमीटर की दूरी होनी चाहिए। 

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ओईएफ कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया
आएगी मोदी जैकेट, सिविलियन भी ले सकेंगे
पिस्टल, रिवाल्वर की गोलियों से वीआईपी और सिविलियन को बचाने के लिए मोदी जैकेट बनाने का काम शुरू हो गया है। इसकी डिजाइन के लिए एनआईएफटी के साथ करार किया गया है। निफ्ट के साथ मिलकर एडवेंचर लाइट वेट जैकेट, टेंट आदि की डिजाइन पर भी काम शुरू हुआ है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
माइनस 50 डिग्री तापमान में आसानी से सो सकेंगे जवान
अपर महाप्रबंधक ने बताया कि सियाचिन, लद्दाख जैसे क्षेत्रों के लिए स्लीपिंग बैग बनाए गए हैं। इन क्षेत्रों में तापमान माइनस 50 डिग्री तक चला जाता है। एयरफोर्स को इस तरह के 1800 बैग दिए जा चुके हैं। ऐसे ही इलाकों के लिए खास बूट भी तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही विशेष कैपिंग टेंट बनाए जा रहे हैं। इसमें खास अंगीठी भी होगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
निगमीकरण के बाद बढ़ रहा उत्पादन, निर्यात पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल निर्माणी ने 280 करोड़ का उत्पादन लक्ष्य हासिल किया था। इस बार यह 470 करोड़ हो गया है। निर्माणियों का निगमीकरण एक अक्तूबर 2021 को किया गया था। इसके अलावा निर्यात पर भी फोकस किया जा रहा है।
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