यूपी के बकेवर में गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे गांव के खेतों की ओर से एक जोर की आवाज सुनाई दी, गांव के लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो वो भी इस माजरे को समझ न पा रहे थे। एक जोर की आवाज के साथ जमीन के फटने से लोग तरह-तरह की बातेंं कर रहे हैं। आगे पढ़ें, वैज्ञानिकों ने क्या कहा इस मामले पर...
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जमीन को देखते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बकेवर के महेवा विकास खंड के ग्राम उरेंग के मजरा संतोषपुरा में गुरुवार की सुबह जमीन धंस गई। धंसने की चौड़ाई लगभग दस फीट से अधिक है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को इसकी सूचना दी है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है जलस्तर घटने से जमीन की नमी सूखती जा रही है। इससे दरार पड़ी है।
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जमीन में दरार
- फोटो : अमर उजाला
सतीशचंद्र शाक्य के खेत गांव के ही नजदीक हैं, जिसमें गेहूं की फसल है। बुधवार को देर शाम उनके खेत की जमीन में एक हल्की से दरार पड़ी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे एक तेज आवाज सुनाई दी। जब कुछ ग्रामीण खेत पर पहुंचे तो जमीन में गहरी दरार पड़ी थी।
लोगों ने करीब चार घंटे तक नलकूप का पानी चलाकर दरार को पानी से भरने की कोशिश भी की, लेकिन उसमें पानी न भर सका। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि वह मौके पर नहीं पहुंच सके इसलिए नहीं बता सकते कि जमीन किन कारणों से फटी है। जनता कालेज बकेवर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय का कहना है घटते जलस्तर और धरती की नमी सूखने दरार पड़ी है।