संजीत यादव अपहरण हत्याकांड का आरोपी रामजी शुक्ला समेत तीन बंदी रविवार रात नारायणा कोविड सेंटर से फरार हो गए। पुलिस ने गंगागंज कपली रोड से रामजी समेत एक लुटेरे को धर दबोचा। वहीं एक फरार लुटेरे का अब तक सुराग नहीं लगा है। डीआईजी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। इधर कोविड सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं इस मामले में पकड़े गए चार अन्य आरोपियों सहित पुलिस टीम की कोरोना जांच करवाई जाएगी।
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जानकारी देती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
संजीत यादव अपहरण हत्याकांड में पुलिस ने रामजी शुक्ला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अस्थायी जेल चौबेपुर भेजा था। बादशाही नाका में लूट के मामले में पकड़े गए ग्वालटोली निवासी कन्हैया कश्यप व तनु बाजपेई को भी वहीं पर रखा गया था। रविवार को तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद तीनों को पनकी स्थित नारायणा कोविड सेंटर में पुलिस की सुरक्षा में भर्ती कराया गया। तीनों सेकेंड फ्लोर पर एडमिट थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
देर रात खिड़की की सरिया तोड़कर तीनों रूम से बाहर आए। अस्पताल की बाउंड्रीवाल फांदकर भाग निकले। सुरक्षा कर्मियों ने गंगागंज कपली रोड़ से रामजी और तनु को दबोच लिया। कन्हैया हाथ नहीं आया। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि फरार बंदी की तलाश जारी है। जो पुलिसकर्मी उसकी सुरक्षा में लगे थे, उन पर केस दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
थाने पर नहीं दी सूचना
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर चौबेपुर में अस्थायी जेल बनाई गई है। जो भी आरोपी पकड़ जाते हैं, उनको पहले 14 दिन तक अस्थायी जेल में रखा जाता है। इनकी दो बार कोरोना जांच कराई जाती है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्थायी जेल भेजा जाता है। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उन्हें कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है। इन तीनों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।
इसलिए नारायणा कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि बंदियों की सुरक्षा में लगी पुलिस लाइन की गारद के पुलिसकर्मियों ने स्थानीय थानेदार को उनके भर्ती कराने की सूचना तक नहीं दी थी। कल्याणपुर सीओ अजय कुमार ने बताया कि थाने में ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई थी। अगर सूचना होती तो अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती।