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Sabarmati Exp. Derail: एसएजी की जांच पूरी, पटरी के टुकड़े को लाकर ट्रैक पर रखने के मिले संकेत

Fri, 23 Aug 2024 12:21 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
साबरमती एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के मामले में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) की कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। गुरुवार को पांच सदस्यीय टीम ने रेलवे के 34 और स्टाफ के बयान लिए। उनसे पूरा घटनाक्रम जाना। पटरी से टकराने के बाद क्या हुआ? ट्रेन में किस तरह की हरकत हुई और बाद का क्या सीन रहा? प्रारंभिक जांच में पटरी के टुकड़े को कहीं से लाकर ट्रैक पर रखने के सुराग मिले हैं।

जांच में पता चला है कि घटना के वक्त ट्रेन 95 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से थी। बोल्डर से टकराने के बाद इंजन के दोनों कैटल गार्ड टूट गए, जबकि उसके पीछे की बोगियों में भी टक्कर लगने के कुछ निशान पाए गए। उनमें बोल्डर या स्लीपर के टुकड़े भी मिले हैं। हादसे वाली जगह से एक किलोमीटर आगे और पीछे का ट्रैक बिल्कुल ठीक रहा।
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, रेलवे की ओर से मामले की जांच के लिए एसएजी की समिति गठित की गई, जिसमें चेयरमैन के रूप में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर और चीफ रोलिंग स्टॉक इंजीनियर, चीफ ट्रैक इंजीनियर, चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ के डीआईजी शामिल रहे। समिति ने दो दिन सेंट्रल स्टेशन के कॉन्फ्रेंस रूम में रेलवे और ट्रेन स्टाफ के बयान लिए।
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि जूही स्थित लोकोशेड में खड़े साबरमती के इंजन के स्पीडोमीटर और कई सेंसर कार्ड की जांच की। स्पीडोमीटर की जांच हुई, जिसमें ट्रेन की उस वक्त की स्पीड 95 किलोमीटर प्रतिघंटे होने का पता चला। झांसी मंडल के पीआरओ मनोज सिंह ने बताया कि एसएजी की जांच पूरी हो गई है।

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
दोपहर बाद अधिकारी कानपुर से रवाना हो गए। अब समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर एनसीआर जीएम को साैंपेगी। अधिकारियों ने लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, गार्ड समेत कई स्टाफ के बयान लिए हैं। घटनास्थल और इंजन की भी जांच की।

 
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Sabarmati Express Derail - फोटो : amar ujala
प्रभावित ट्रैक की विशेषज्ञ करेंगे जांच
साबरमती एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से प्रभावित हुई कानपुर झांसी रूट की अप लाइन नए सिरे से तैयार हो गई है। यहां पर गुरुवार को पटरियों पर ग्राइंडर के साथ ही ज्वाइंट पर सपोर्टर लगाए गए। हादसे के बाद करीब 450 मीटर का ट्रैक पूरी तरह खराब हो गया था।
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Sabarmati Express Derail - फोटो : amar ujala
यहां लोहे के स्लीपर लगाकर 29 घंटे के अंदर अप लाइन की ट्रेनों का संचालन कराया गया। इस बीच ट्रैक को अपग्रेड करने का कार्य जारी रहा। इसपर कॉशन लेकर ट्रेनों की आवाजाही हुई। बुधवार को ट्रैक पर कांक्रीट के स्लीपर लगा दिए गए थे। अभी प्रभावित रूट से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनें जाएंगी।
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