मासूम रुशांक हत्याकांड में हत्या की वजह पर किसी को यकीन नहीं हो रहा है। डिप्रेशन की वजह से अपने बेटे को मौत के घाट उतार दे, शहर में ऐसी पहले कोई वारदात नहीं हुई। पुलिया हो या पड़ोसी हर कोई यही कह रहा है कि कोई खास और बड़ा कारण इसके पीछे है। आरोपी का घुट-घुट कर जीना भी इसी ओर इशारा करता है।
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थाने में बैठी रूशांक की मां
- फोटो : amar ujala
हालांकि अभी तक इसके साक्ष्य नहीं मिले हैं। परिजन भी कुछ बोलने को तैयार नहीं। ऐसे में तमाम सवाल अनसुलझे हैं। सीसामऊ के गांधीनगर में शुक्रवार रात शेयर ब्रोकर अलंकार श्रीवास्तव ने अपने सात साल के बेटे रुशांक उर्फ तारुष को गला दबाकर मार दिया था। पुलिस ने परिजनों और आरोपी से पूछताछ के बाद बाद दावा किया कि लॉकडाउन में कारोबार मंदा था, जिससे आरोपी डिप्रेशन में चला गया था।
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मृतक रूशांक की बहनें और दादी
- फोटो : amar ujala
जिससे उसने इस घटना को अंजाम दिया। मगर इसके बाद भी यह वजह गले नहीं उतर रही है। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि डिप्रेशन के अलावा अभी तक की जांच में कोई और कारण नहीं आया है। तमाम बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आरोपी ने बातचीत में कुछ खास नहीं बताया। सिर्फ जुर्म कबूला है।
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बेटे को मारने वाला पिता अलंकार श्रीवास्तव
- फोटो : amar ujala
आखिर दहशत में क्यों था अलंकार
पुलिस के अनुसार अलंकार परिवार वालों से कहता था कि कोई उसे मार देगा या बेटे को नुकसान पहुंचाएगा। सवाल है कि ये दहशत उसके अंदर क्यों थी। किसी ने उसको कोई धमकी दी थी? इन सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। हालांकि पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। वहीं ये पता कर रही है कि कारोबार में बड़ा घाटा या कर्ज तो नहीं था। जिसकी वजह से वह डिप्रेशन के इस स्तर तक पहुंच गया।
दो घंटे तक इधर-उधर घूमता रहा
आधी रात के बाद अलंकार ने बेटे को मार दिया। सुबह पांच बजे उसने पत्नी को बताया। इसके बाद उसने कहा कि वो थाने सरेंडर करने जा रहा है। सुबह करीब छह बजे घर से निकला और दो घंटे इधर-उधर घूमता रहा। आखिर में करीब आठ बजे वो सीसामऊ थाने पहुंचा और सरेंडर किया।