यूपी के कानपुर में बैंक डकैती के आरोप में पकड़े गए शातिरों ने फिल्म में दिखाए गए सीन की तरह पहले सीसीटीवी कैमरों पर स्टीकर चिपकाए। आपस में बात करने के लिए हेडफोन का इस्तेमाल किया और पहचान छिपाने के लिए सिर पर पट्टी, चश्मा व हेलमेट पहन रखा था। फिंगर प्रिंट से बचने के लिए फिल्म की तरह अंगुलियों पर टेप चिपकाया था। इतना ही नहीं...
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डेमाे पिक
बैंक ऑफ बड़ौदा की निराला नगर शाखा में डकैती डालने वालों को पुलिस शातिर अपराधी मान रही थी, पर वारदात का खुलासा होने पर लुटेरे बीटेक व बीएसएसी के छात्र निकले। उन्होंने हालीवुड फिल्म ओशियन-11 देखने के बाद बैंक डकैती की साजिश रची थी। इतना ही नहीं फिल्म के डायलॉग डोंट बी स्मार्ट बेबी कहकर 23.70 लाख रुपये लूट ले गए थे।
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फिल्मी सीन की तरह की तैयारी
लुटेरे बीटेक छात्र अंशुल व जितेंद्र सिंह और आतिफ ने फिल्म में दिखाए गए सीन की तरह पहले सीसीटीवी कैमरों पर स्टीकर चिपकाए। आपस में बात करने के लिए हेडफोन का इस्तेमाल किया और पहचान छिपाने के लिए सिर पर पट्टी, चश्मा व हेलमेट पहन रखा था। फिंगर प्रिंट से बचने के लिए फिल्म की तरह अंगुलियों पर टेप चिपकाया था। वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी।
दो बार प्रयास, तीसरे में दिया था अंजाम
23 नवंबर 2012 को वे बैंक लूटने गए थे, लेकिन भीड़ देख हिम्मत नहीं जुटा पाए। इसके बाद 26 नवंबर को गए तब भी भीड़ थी। 29 को बैंक मैनेजर के कमरे में घुस सभी को गन प्वाइंट पर लेकर रुपये लूट लिए थे।
हाईटेक हुई पड़ताल
लूट के बाद तीनों ने मोबाइल पर संपर्क करना बंद कर दिया था और सोशल नेटवर्किंग से जुड़ गए थे। बैंक के पास घटना के एक माह पहले और बाद के नंबरों की बारीकी से पड़ताल की गई। इसके आधार पर लुटेरों पर शक हुआ और मुखबिर के माध्यम से गिरफ्तारी की गई।