फर्रुखाबाद जिले में फतेहगढ़ के मोहल्ला शिवपुरम कॉलोनी निवासी सैनिक की पत्नी ने लूट से पहले बदमाशों से छत पर संघर्ष किया। वहां टूटी पड़ी चूड़ियां, चारपाई पर पड़ी ईंट व छत पर फैला खून घटना की गवाही दे रहा था। बदमाशों की संख्या 4 से 6 बताई जा रही है। इसमें एक अधेड़ लंगड़ाकर चल रहा था। सैनिक उमेश की पत्नी मीना पाल किराए के मकान में रहती हैं जहां भैंस पाले हैं। उनका बड़ा बेटा आर्यन(6) फतेहगढ़ के निजी स्कूल में कक्षा एक का छात्र है। रविवार रात सीढ़ी लगाकर घुसे बदमाशों से उनका जमकर संघर्ष भी हुआ।
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फोरेंसिक टीम को छत पर मिलीं टूटी चूड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
छत पर टूटी चूड़ियां व खून भी पड़ा था। पड़ोसी महिलाओं के अनुसार मीना के शरीर पर कई जगह चोटें हैं। सिर पर किसी वजन वस्तु के प्रहार की गहरी चोट है। इससे लगता है कि मीना ने लूट का विरोध किया तो खिसियाकर बदमाशों ने बेरहमी से पीटा। आर्यन ने बदमाशों द्वारा ड्रॉप पिलाने के बाद सो जाने की बात कही। पुलिस के लिए यह बिंदु भी जांच का विषय है। दरवाजे पर कुत्ता भी बेहोश पड़ा मिला। वहीं खोजी कुत्ता यूकेलिप्टस के बाग में पहुंचकर वहां पड़े पशुओं को लगाए जाने वाले इंजेक्शन के पास रुक गया था।
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चोरी के बाद बिखरा पड़ा सामान
- फोटो : अमर उजाला
घटना को अंजाम देने से पूर्व बदमाशों के रेकी करने की आशंका है। उमेश चंद्र पाल के घर के सामने दो मकान हैं। इसमें एक घर में ताला पड़ा है जबकि दूसरे घर में सैनिक शिवराज सिंह का परिवार रहता है। वह चार दिन पूर्व ही छुट्टी पर आए हैं। परिस्थितियों से लगता है कि बदमाशों ने घटना को अंजाम देने से पहले घर की रेकी की थी। सैनिक उमेश चंद्र पाल के घर पड़ी डकैती में बदमाशों ने घर में घुसने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया। सुबह पहुंची पुलिस को घर के निकट सीढ़ी पड़ी मिली। सवाल उठता है कि करीब 17 फीट लंबी सीढ़ी कहां से लाई गई। इतनी लंबी सीढ़ी का इस्तेमाल या तो भवन निर्माण, पुताई में किया जाता है या फिर बिजली के पोल पर चढ़ने में होता है।
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फारेंसिक टीम ने की जांच
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फतेहगढ़ के जेएनवी रोड से लेकर रखा तिराहे तक रात में लगातार पुलिस गश्त करती रहती है। डाक बंगला होने के साथ इस क्षेत्र में प्रतिष्ठित परिवार रहते हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित मंदिर के निकट तो अक्सर यूपी-100 पुलिस की जीप भी खड़ी रहती है। रात में इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इससे पुलिस सक्रियता का बखूबी अनुमान लगाया जा सकता है।
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बिखरा पड़ा सामान
- फोटो : अमर उजाला
शिवपुरम कॉलोनी में रेलवे क्रॉसिंग के निकट शराब ठेके पर शाम को अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। मोहल्ले की महिलाओं का कहना है कि रात आठ बजे से उन लोगों का सड़क पर निकलना दूभर हो जाता। युवक महिलाओं को देखकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस गश्त होने के बावजूद अराजकतत्वों पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा।
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छत पर चढ़ने के लिए बदमाशों ने लगाई सीढ़ी
- फोटो : अमर उजाला
उमेश चंद्र पाल तीन भाई हैं। सभी सेना में हैं। उमेश के बड़े भाई संजीव कुमार पाल व श्याम मोहन की तैनाती इन दिनों श्रीनगर में है। छानबीन में जुटी पुलिस का मानना है कि दो दिन पूर्व जिस प्रकार चार नकाबपोश बदमाशों ने पड़ोसी जनपद कन्नौज में अगरबत्ती कारोबारी के घर सास-बहू को मरणासन्न कर लूट की उसी तरह से सैनिक के परिवार को भी निशाना बनाया।
रविवार रात सैनिक के घर गेहूं लाने वाले लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ.अनिल मिश्र ने एक सवाल के जवाब में कहा कि घायल महिला से अभी बयान लेना संभव नहीं हो सका है। इसलिए कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। घटना के खुलासे में सर्विलांस सेल की भी मदद ली जाएगी।