फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐतिहासिक कंस वध मेला: झांकियां निकालने का विरोध, आमने-सामने आए दो वर्ग, तनाव का माहौल

Tue, 25 Sep 2018 08:02 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
सीओ से वार्ता करते विधायक प्रतिनिधि अनिल अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
यूपी के हमीरपुर जिले में मौदहा कस्बे के ऐतिहासिक कंस वध मेला के दौरान देवी चौराहा पर दो वर्ग आमने-सामने आ गए। इस पर पुलिस ने जुलूस को रोक दिया। विवाद की स्थिति होने पर पुलिस ने लाठियां पटक कर लोगों को भगाया। मेला आयोजकों ने प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए आयोजन निरस्त कर दिया। जिससे तनाव है। 

 
विज्ञापन

2 of 4
मौदहा में कंस वध मेले के जुलूस में शामिल श्रीराम की झांकी - फोटो : अमर उजाला
कस्बे में करीब डेढ़ सौ साल से तीन दिवसीय ऐतिहासिक कंस वध मेले का आयोजन होता आ रहा है। अनंत चतुर्दशी की शाम भगवान कृष्ण का डोला अपने निर्धारित स्थान गुड़ाही बाजार में सजाया गया। यहां से अपने परंपरागत रास्ते देवी चौराहा से नरहिया, कजियाना मथुरा मंदिर, जीजीआईसी चौराहा, थाना चौराहा, नेशनल चौराहा होते हुए निकला। सोमवार को पूर्णिमा पर कंस वध लीला का आयोजन था। जिसके चलते दो दर्जन से अधिक देवी देवताओं की झांकियों को सजाया गया। शाम करीब तीन बजे देवी चौराहा पर अलाव मैदान के पास एक समुदाय के कुछ युवकों ने इस मार्ग से झांकियां निकालने का विरोध किया।
विज्ञापन

3 of 4
मौदहा में कंस वध मेले में विमानों को वापस लेे जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद माहौल गरमा गया और दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। हालांकि दोनों पक्षों के कुछ बुद्धिजीवियों ने माहौल को शांत कराने का प्रयास किया। सूचना पर अपर एसपी, एसडीएम, सदर, सरीला सीओ पहुंचे, लेकिन मामला नहीं निपटा। आक्रोशित मेला आयोजकों ने झांकियों को रोक जाम लगा दिया। इसके बाद मेला न करने की घोषणा कर दी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ  नारेबाजी की। इस पर पुलिस को लाठियां पटकनी पड़ीं। फिलहाल डीएम व एसपी के साथ सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष संतविलास शिवहरे सहित अन्य नेता मौके पर पहुंचे हैं। वार्ता जारी है। 

 
विज्ञापन

4 of 4
मौदहा में लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
सजेधजे बच्चे माता-पिता के हवाले  
कंस वध मेले में नन्हे मुन्ने बच्चों को सजाकर झांकियों में बैठाया गया। कंस की विशालकाय मूर्ति भी शोभायात्रा के साथ गुजरी। देवी चौराहा में विवाद के बाद सबसे अधिक धड़कने बच्चों के माता-पिता की बढ़ीं। आयोजकों ने मेला बंद करने की घोषणा के साथ ही नन्हे मुन्ने बच्चों को झांकियों से उतार कर उनके परिजनों को सौंप दिया। तब जाकर उन्होंने राहत की सांस ली। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें