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खड़ग सिंह ने सुनाई 'डकैत' बनने की कहानी तो नम हो गई आंखें, एक आतंक ने हथियार उठाने के लिए किया मजबूर

Sun, 24 Feb 2019 02:12 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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चित्रकूट में डाकू ददुआ के आतंक को खत्म करने के लिए सेहरीन बेलपुरवा के खड़ग सिंह ने बंदूक उठाई और डाकू बन गए। मौका था ‘अमर उजाला’ बागी बोलता है संवाद कार्यक्रम का जहां शनिवार को चंबल के बागियों संग फिल्म सोनचिड़िया के बागियों की दिलचस्प मुठभेड़ हुई।
 
 
 
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चंबल के बागियों ने अपने दस्यु बनने की असली कहानी बयां की, वहीं फिल्म के मुख्य अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, रणवीर शौरी और निर्देशक अभिषेक चौबे ने फिल्म से जुड़ी कई बातें साझा कीं। खड़ग सिंह ने ‘अमर उजाला’ के बागी बोलता है... संवाद कार्यक्रम में बताया कि 2001 में वह खेती-किसानी किया करते थे।

 
 
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ददुआ का पूरे जिले में आतंक था। मैं सामाजिक तौर पर काफी मजबूत था। जिले की हर गतिविधि की सूचना मेरे पास हुआ करती थी। ऐसे में पुलिस ने मुझे अपना मुखबिर बना लिया। इसका पता चलने पर ददुआ मुझे अपना दुश्मन मानने लगा।

 

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मेरे आठ-दस साथियों को गोलियों से छलनी कर दिया। तब मैंने भी बंदूक उठाई और अपना गैंग बना लिया। मेरा मकसद था कि मैं ददुआ को खत्म करूं। नौ साल तक कई बार ददुआ और उसके गैंग से आमना-सामना हुआ।


 
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मैंने संपर्क सूत्रों के जरिए ददुआ की पूरी जानकारी पुलिस और एसटीएफ को दी और फिर उसका एनकाउंटर हो गया। ददुआ के मरने के बाद मैं सामान्य जिंदगी जीने के लिए तैयार हो गया। महाराष्ट्र पहुंचकर मैंने आत्मसर्पण कर दिया। अब पत्नी ग्राम प्रधान है और दोनों मिलकर गांव की तरक्की के लिए काम कर रहे हैं। 
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