फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कभी शिवपाल की मर्जी के बिना सपा में 'पत्ता भी नहीं हिलता था'! आज इस वजह पार्टी में आया बिखराव

Thu, 30 Aug 2018 08:48 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 10
शिवपाल सिंह - फोटो : amar ujala
देश के सबसे बड़ा राजनीतिक कुनबा आज बिखराव की स्थिति में नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी के बड़े नेता व पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव को चुनावी रणनीति बनाने में शुरू से ही महारत हासिल है। पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच चाचा के नाम से पुकारे जाने वाले शिवपाल ने बुधवार को अपनी नई पार्टी का एलान कर सबको बड़ा झटका दे दिया है। पार्टी में कलह की स्थिति आज से नहीं चल रही। विधान सभा चुनाव के दौरान ही पार्टी में फूट पड़ चुकी थी।
तो आइये जानते हैं समाजवादी पार्टी के लिए शिवपाल का क्या रहा है योगदान...
विज्ञापन

2 of 10
शिवपाल सिंह यादव - फोटो : amar ujala
शिवपाल का का जन्म बसंत पंचमी के दिन 6 अप्रैल 1955 को इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। शिवपाल सिंह यादव का विवाह 23 मई 1981 को हुआ। इनकी पत्नी का नाम सरला यादव है।
 
विज्ञापन

3 of 10
अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव - फोटो : amar ujala
शिवपाल सिंह यादव की एक पुत्री डाॅ० अनुभा यादव तथा एक पुत्र आदित्य यादव है।शिवपाल के पिता स्वर्गीय सुधर सिंह किसान थे और माता स्वर्गीय मूर्ती देवी एक गृहणी थी।
जानिए शिवपाल के राजनीतिक कैरियर और बड़े भाई मुलायम के प्रति प्रेम और समर्पण के बारे में...
 

4 of 10
शिवपाल सिंह यादव
शिवपाल अपने बड़े भाई मुलायम के बेहद करीब हैं वो नेता जी के आदेश के बिना कोई कार्य नहीं करते हैं। समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता कहते हैं कि पार्टी को खड़ा करने में मुलायम सिंह यादव के बाद अगर किसी का हांथ आता है तो शिवपाल सिंह यादव का।

 
विज्ञापन

5 of 10
शिवपाल सिंह यादव
शिवपाल बचपन से ही लोगों के प्रिय रहे। लोगों की सेवा करना शिवपाल के स्वाभाव में रहा।  वे नेताजी के चुनावों में पर्चें बाँटने से लेकर बूथ-समन्वयक तक की जिम्मेदारी उठाते रहे।
विज्ञापन

6 of 10
शिवपाल सिंह यादव
मार्च 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में वे इटावा जिले के जसवन्तनगर विधान सभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गये। ये मायावती सरकार के कार्यकाल में 5 मार्च 2012 तक प्रतिपक्ष के नेता भी रहे।

 
विज्ञापन

7 of 10
शिवपाल सिंह यादव
शिवपाल सिंह 1988 से 1991 और पुनः 1993 में जिला सहकारी बैंक, इटावा के अध्यक्ष चुने गये। 1995 से लेकर 1996 तक इटावा के जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे। इसी बीच 1994 से 1998 के तक वे उत्तरप्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के भी अध्यक्ष भी रहे।

8 of 10
शिवपाल सिंह यादव
13वीं विधानसभा का चुनाव शिवपाल के जीवन का टर्निंग प्वाइंट रहा। इसमें चुनाव लड़े और ऐतिहासिक मतों से जीते। इसी वर्ष वे समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव बनाये गये।
16वीं विधानसभा में समाजवादी पार्टी के चुनाव निशान पर साठ फीसदी से अधिक मतों से जीतने वाले एक मात्र विधायक हैं।

9 of 10
शिवपाल सिंह यादव और संजय दत्त
ये शिवपाल की लोगों तक पहुंच और प्रेम को दर्शाता है। समाजवादी पार्टी में मची कलह के बाद शिवपाल ने कई बार अपने तेज तर्रार रूप और तेवर दिखाए पर इसे बड़े भाई का प्रेम कहें या बेबसी शिवपाल अपना फैसला नहीं ले पाए।
विज्ञापन

10 of 10
शिवपाल सिंह यादव
अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि शिवपाल कौन सा रुख अख्तियार करते हैं। वैसे शिवपाल के जन्मदिन के पोस्टरों से परिवार के नेताओं का गायब होना बहुत कुछ कह रहा है। 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत में शिवपाल सिंह यादव की अहम भूमिका रही है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें