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'किल्लत का तीसरा दौर' मार्केट से नोट गायब होने की ये बड़ी वजह आई सामने

Wed, 18 Apr 2018 10:58 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कहीं ख्रराब पड़े एटीएम तो कहीं लगीं लंबी लाइनें - फोटो : अमर उजाला
सरकार एक बार फिर डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के प्रयास में जुटी है। यही वजह है कि बाजार में कैश की कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है। केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में कैश की किल्लत पैदा करने का यह तीसरा चरण है। इससे पहले सरकार के दो प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। 

 
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मुंह चिढ़ाते एटीएम - फोटो : अमर उजाला
माना जा रहा है कि कई राज्यों में कैश की किल्लत पैदा करने के पीछे रिजर्व बैंक और नीति आयोग की कोई बड़ी मंशा काम कर रही है। सिर्फ कानपुर की ही बात करें तो शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के जिलों के बैंकों को भी रोज करेंसी के लिए जूझना पड़ रहा है।


यहां सभी बैंकों को प्रतिदिन करीब 300 करोड़ रुपये चाहिए, लेकिन 170 से 175 करोड़ की करेंसी ही जारी हो रही है। मांग के अनुपात में 60 फीसदी करेंसी मिल रही है। बैंकों को एक या दो दिन का ही अग्रिम स्टॉक दिया जा रहा है। बैंकों के प्रबंधकों ने स्वीकारा है कि रिजर्व बैंक जरूरत के मुताबिक करेंसी की आपूर्ति नहीं कर रहा है।
 
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बंद एटीएम - फोटो : अमर उजाला
डिपॉजिट में गिरावट कटौती की वजह 
कानपुर। बैंकों की साख पर बट्टा लगने और अधिकतर एटीएम खाली रहने के कारण लोगों में करेंसी घर में रखने की आदत बढ़ी है। लोग बैंकों में नोट जमा करने के बजाय खुद के पास रखना ज्यादा मुफीद समझ रहे हैं। नतीजा ये सामने आया कि बैंकों में डिपॉजिट का औसत घट गया है। बैंकों में जमा होने के लिए कम करेंसी आने की वजह से रिजर्व बैंक ने भी अपने हाथ समेट लिए हैं। डिपॉजिट औसतन जितना कम हो रहा है, रिजर्व बैंक करेंसी जारी करने में उतनी ही कटौती कर रहा है। सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक के सूत्र बताते हैं कि अलग अलग शाखाओं में 20 से 40 फीसदी तक डिपॉजिट में कमी आई है।
 

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बंद पड़े एटीएम - फोटो : अमर उजाला
कटौती से हालात हर जगह एक जैसे 
रिजर्व बैंक के कानपुर रीजनल ऑफिस से ही यूपी और उत्तराखंड को भी करेंसी सप्लाई होती है। सूत्र बताते हैं कि दोनों राज्यों के बड़े शहरों में तो हालात फिर भी ठीक हैं, लेकिन छोटे और दूरदराज के जिलों में करेंसी समय पर नहीं पहुंच रही। दोनों राज्यों में करीब 250 करेंसी चेस्ट हैं। इन्हें मांग के मुताबिक 60 फीसदी कैश नहीं मिल रहा है। 

 
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बंद पड़े एटीएम - फोटो : अमर उजाला
कानपुर से यहां तक जाती है करेंसी
48 जिले यूपी के
13 जिले उत्तराखंड के
60 करेंसी चेस्ट में उत्तराखंड में
201 करेंसी चेस्ट में यूपी पश्चिम में  


 
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बंद पड़े एटीएम - फोटो : अमर उजाला
करेंसी का पर्याप्त प्रवाह बना हुआ है। किल्लत वाले स्थानों की मॉनीटरिंग की जा रही है। बैंकों को उनकी जरूरत के हिसाब से नोट दिए जा रहे हैं। एटीएम खाली होने के मामले में बैंकों से जवाब तलब किया जाएगा।  रिजर्व बैंक, कानपुर 

 
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पैसे निकालने के लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला
कुछ एटीएम में तकनीकी कारणों से दिक्कत हो सकती है लेकिन किसी बैंक ने अभी तक उनके कैश की कमी की शिकायत नहीं की है। बैंक ऑफ बड़ौदा के सभी एटीएम चल रहे हैं। 
केडी नौटियाल, लीड बैंक मैनेजर 
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