उन्नावः यूपीएसआईडीसी द्वारा ट्रांस गंगा सिटी प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि की वापसी के किसानों का संघर्ष जल्द ही जर्मनी की डॉक्यूमेंटरी फिल्म में दिखाई देगा। महिला किसानों की समस्याओं पर केंद्रित इस फिल्म को जर्मनी के फिल्म एकेडमी ऑफ बार्डर वरटेंबवर्ग स्कूल के दो छात्र बना रहे हैं।
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किसान आंदोलन
इसी सिलसिले में रविवार को जर्मनी के अवनि और मार्विन कन्हवापुर स्थित ट्रांस गंगा सिटी स्थल पहुंचे। दोनों ने जमीन वापस करने की मांग को लेकर आंदोलित किसानों को फोकस करते हुए फिल्म बनाई, जिसे वह अपनी डाक्यूमेंट्री फि ल्म में शामिल करेंगे। मार्विन ने बताया कि मुंबई में वह गुलाबी गैंग लीडर संपत पाल के संपर्क में आए। वहीं गुलाबी गैंग लीडर संपत पाल के न्यौते पर वह रविवार को यहां पहुंचे। इस दौरान यहां भूमि अधिग्रहण के विरोध में संपत पाल की अगुवाई में महिला किसानों के आंदोलन पर कुछ मिनट की फि ल्म बनाई है। उन्होंने बताया कि उनकी डाक्यूमेंट्री फि ल्म उन भारतीय महिलाओं पर केंद्रित है, जो अपने हक की लड़ाई लड़ती है।
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किसान आंदोलन
शुक्लागंज कन्हवापुर गांव स्थित ट्रांसगंगा सिटी स्थल पर आंदोलित किसानों के बीच रविवार को जर्मनी के एक प्रशिक्षण संस्थान के दो छात्रों ने डाक्युमेंट्री फिल्म बनाई। फिल्म की थीम भारतीय महिला किसान है। ट्रांसगंगा सिटी स्थल पर किसान जमीन वापसी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
फिल्म एकेडमी ऑफ बार्डर वरटेंबवर्ग स्कूल जर्मनी से जुड़े छात्र अवनि और मार्विन ने बताया कि वह मुंबई में एक महिला सम्मेलन के दौरान गुलाबी गैंग लीडर संपत पाल के संपर्क में आए। इससे उनको इस आंदोलन का पता चला।
संपत पाल की अगुवाई में दोनों छात्रा ट्रांसगंगा सिटी स्थल पहुंचे। बताया कि आंदोलित भारतीय महिलाओं और किसानों पर डाक्युमेंट्री फि ल्म बना रहे हैं। दोनों छात्रों ने बताया कि फि ल्म बनाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय महिलाओं पर फोकस करना है जो अपने हक की लड़ाई लड़ती हैं।