कॉमेडी की दुनिया के बड़े नामों में से एक राजू श्रीवास्तव का दिल्ली एम्स में आज निधन हो गया। राजू श्रीवास्तव ने 10 बजकर 20 मिनट पर अंतिम सांस ली। राजू श्रीवास्तव स्टैंड अप कॉमेडी के जरिए लोगों को हंसाते रहे हैं। कई टीवी और स्टेज शो में राजू श्रीवास्तव ने काम किया था। एक कॉमेडियन, टीवी सेलिब्रिटी होने के साथ ही राजू श्रीवास्तव भाजपा के नेता भी थे। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का दिल्ली एम्स में 41 दिन से अस्पताल में भर्ती थे। 10 अगस्त को जिम में वर्कआउट दौरान राजू को दिल का दौरा पड़ा था। दिल में कई ब्लॉकेज की रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स की टीम ने राजू की एंजियोग्राफी करने का फैसला लिया था। हालांकि उनकी हालत में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला।
विज्ञापन
2 of 8
राजू श्रीवास्तव
41 दिन से वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ रहे राजू श्रीवास्तव ने आज अपने प्राण त्याग दिए। राजू श्रीवास्तव के मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई नम आंखों से राजू को श्रद्धांजलि दे रहा है।
विज्ञापन
3 of 8
राजू श्रीवास्तव
अपने हुनर से लोगों को हंसा हंसा कर लोटपोट कर देने वाले राजू श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के रहने वाले थे। मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे राजू श्रीवास्तव अपने पीछे करोड़ों की गाड़ियां, घर और संपत्ति छोड़कर चले गए।
4 of 8
राजू श्रीवास्तव
कानपुर में हुआ था राजू श्रीवास्तव का जन्म
25 दिसंबर 1963 को कानपुर के एक मध्यम वर्गीय परिवार में राजू श्रीवास्तव का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम रमेश चंद्र श्रीवास्तव था, जो खुद एक कवि थे और बलाई काका के नाम से मशहूर थे। पिता से ही राजू को भी हुनर मिला। वह बचपन से ही अच्छी मिमिक्री किया करते थे।
विज्ञापन
5 of 8
राजू श्रीवास्तव
राजू श्रीवास्तव का करियर
राजू श्रीवास्तव से बचपन में ही कॉमेडियन बनने का सपना देखना शुरू कर दिया। इस सपने को पूरा करने के लिए राजू श्रीवास्तव ने कई स्टेज शो, टीवी शो में काम किया।
काल्पनिक नहीं वास्तविकता में थे राजू के गजोधर भइया
मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के गजोधर भइया के किरदार को कोई भुला नहीं सकता है। द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज में इस किरदार के माध्यम से उन्होंने सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। खास बात यह है कि गजोधर भइया कोई काल्पनिक किरदार नहीं हैं, वह राजू के उन्नाव स्थित ममान में रहते थे।
विज्ञापन
7 of 8
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
गांव से ही मुंबई की ओर निकले थे राजू
राजू के ददिहाल उन्नाव के बीघापुर ब्लॉक के मगरायर गांव में रहने वाला चाचा वेद विक्रम श्रीवास्तव ने बताया कि राजू पिता के साथ किदवई नगर में रहते थे। राजू की मंडली नाट्य मंचन आदि में भाग लेती थी पर उनके पिता को यह पसंद नहीं था। एक दिन राजू का रात में कॉमेडी का कोई कार्यक्रम था तो वह किसी को बिना बताए घर के बाहर लगे नीम के पेड़ के सहारे उतरे और कार्यक्रम में हिस्सा लेने चले गए। इस पर पिता और मां सरस्वती ने उसको बहुत फटकार लगाई। इसके बाद राजू मगरायर आ गए। तीन महीने यहां रहे और यहीं से काम के सिलसिले में मुंबई निकल गए।
1983 में पहुंचे थे मुंबई, 2005 में मिली थी पहचान
बचपन से ही मिमिक्री और कॉमेडियन का सपना पाले राजू श्रीवास्तव 1983 में फिल्म नगरी मुंबई पहुंचे थे। कई वर्षों के संघर्ष के बाद सन 2005 में उन्हें पहचान तब मिली, जब दि ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज में प्रतिभाग करने का मौका मिला। स्टार वन पर प्रसारित होने वाले इस स्टैंडअप कॉमेडी शो में वे सेकंड रनरअप रहे थे। इससे पहले भी उन्होंने फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार अदा किए थे, लेकिन जो नाम उन्होंने लॉफ्टर चैलेंज में आने के बाद कमाया, वह लोगों की जुबान पर छा गया था। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और सीरियल में काम किया। इसी शो के बाद उन्हें किंग ऑफ कॉमेडी का नाम मिला था।