दोस्तों समोसा हमरे कानपुर का नेशनल फूड है.. और भैया समोसा तो एक्के अच्छा लगत है.. खोलो तो भाप निकले.. अन्दर छोटे छोटे मसालेदार चटकदार गरम आलू होंय.. साथ में हरी मिर्च धनिया पुदीना वाली हरी वाली और इमली वाली लाल मीठी चटनी.. दुईनो में डुबो डुबो के समोसा खाय का आनंद ही अलग है.. हमरे समोसे का कौनो मुकाबला नहीं ना..। ये आजकाल चले हैं चाउमीन.. बर्गर.. मैगी.. पिज्जा.. अरे इनकी औकात नहीं ना कि हमरे समोसे का मुकाबला कर पाएं.. अब आज काल केर लोगन मा पता नहीं का चलन चल रहा है.. अच्छे खासे समोसा केर क्रास ब्रीड कर रहे हैं.. ओकी नस्ल खतम कर रहे हैं.. बताओ पनीर समोसा.. मटन समोसा.. चिकन समोसा.. चायनीज समोसा.. मीठा समोसा चल रहा है.. और ई बंबई वाले तो औरे अजीब हैं.. बताओ समोसे के अंदर मटर और मूंगफली डालत हैं..
विज्ञापन
2 of 7
डेमो पिक
अरे वही खिलाओ ओल्ड स्टाइल ओरिजिनल समोसा..
दोस्तों समोसे का ताल्लुक भूख से नहीं है.. न गरीबी या अमीरी से है.. बस सामने दिख जाय तो खाओ समोसा.. भूख होय चाहे न होय.. चाहे खाना खाय के आय हो तो भी एक समोसा तो चल ही जहिये.. भईया समोसे को हल्के मा न लेव.. यही समोसा जाओ मॉल में थिएटर में एअरपोर्ट पर.. 100 रुपये का मिलत है.. और भैया समोसा हमका एतना पसंद है कि बचपन मा हमका जैसेहे पता चलत रहा की मोहल्ले में कौनो के घर लड़के वाले लड़की देखे आय रहे हैं या रिश्तेदार आय हैं.. हम खुदै पहुंच जात रहें हुंवा कि इनके हिंया समोसा तो अईबै करिहैं..।
विज्ञापन
3 of 7
डेमो पिक
भैया ई समोसे के चक्कर में बहुत लभेड़ भी भई कई बार.. एक बार ऐसेहे हुआ कि परमपुरवा वाले गुप्ता जी की लड़की को लड़के वाले देखने आये रहें.. नाश्ता वास्ता रखा गवा .. अचानक लड़के वाले खड़े होय के चल दिहे.. पूछा गवा का भा.. तो कहे कि जब तुम ठीक से ढंग का समोसा नहीं खवा पाय रहे हो तो रिश्तेदारी का निभईहौ.. बताओ ई छोटा वाला इलाहाबादी सूखा समोसा रखे हौ हम लोगन के आगे.. आज तक ई छोटे वाले समोसे का हम कबहु गरम नहीं देखेन.. इक जब भी देखा तो ठंडा.. उदास समोसा..।
4 of 7
डेमो पिक
कल को हम आपन रिश्तेदारन के साथ बरात लैके आयं तुम्हरे हुंवा.. तुम तो सब छिया छापट कर देहो.. हमरी इज्जत का बैंड बजा देहो.. सही बता रहे हैं भैया ई छोटा वाले सूखे इलाहाबादी समोसा के चक्कर मा बहुत रिश्ते टूट गए.. अरे ओरिजिनल समोसा खवाओ..। अरे बड़ी-बड़ी रिश्तेदारी बना देता है समोसा.. ऐसेहे एक बार हमरी आचार्य नगर वाली बुआ के हिंया लड़के वाले लड़की देखे आये रहें और भैया उन लोगन का समोसा एतना अच्छा लगा की तुरंतै शादी पक्की हुई गई.. बताओ एक
विज्ञापन
5 of 7
डेमो पिक
समोसे पे रिश्ता तय हुई गवा..
और भैया कभी कभी बहुत खल के रही जात है.. एक बार हम कार से वीआईपी रोड से होते हुए नवाबगंज जाय रहे रहें.. तो कंपनी बाग चौराहे पे सिग्नल रेड रहा.. ड्राइवर गाड़ी रोक दिहिस.. तबहीं हमरी नजर वहीं नुक्कड़ की दुकान पर पड़ी.. देखा हुंवा हलवाई के हिंया गरम गरम समोसा छन रहा है.. हम कहा लपक लिहा जाय.. मगर हमरी गाड़ी के आगे खड़खड़ा रहा.. बायीं तरफ टेंपो अउर दायीं तरफ लोडर.. निकलने की जगह नहीं रहै.. हम कहा ड्राईवर से कि रुको हम समोसा लै आयं.. तो ऊ कहिस नहीं आप निकल ना पहियो..
विज्ञापन
6 of 7
डेमो पिक
अब हम निकलै केर कोशिश करत ही रहै कि तभी ग्रीन सिग्नल हुई गवा.. और सब पीछे वाले हार्न बजाय लगे.. हम एकदम असहाय.. कुछ नहीं कर सकत रहैं.. तबहीं हमरी नजर साइड मां पड़ी.. हुंवा एक रिक्शेवाला पैर पे पैर चढ़ाए हरे पत्तल मा समोसा लिए खाय रहा रहैय..
ओके समोसे से भाप निकलत देख के हमरा कलेजा जल गवा.. जी तड़प के रह गवा.. खैर मन मार के हम नवाबगंज आपन रिश्तेदार के घर पहुचे.. तो हम उनसे कहा समोसा खवाओ.. ऊ कहिन अभीन लेव.. नास्ता आवा तो ओमा समोसे के नाम पर रहें ऊ छोटा वाला इलाहाबादी सूखा समोसा.. ऐसी जान जली कि ऊ तारीख है अउर आज की तारिख है.. हम उनके घर झांके नहीं गएन..
लास्ट मा एक्कै बात कहे चाहित है.. कि हमरी बात ध्यान से सुना करौ.. काहे से हमरे घर में हमरी कोई सुनत नहीं है ..