राजू श्रीवास्तव का पार्थिव शरीर
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बुधवार को इस चबूतरे पर बैठी उर्मिला, रामकली चौरसिया, द्वारिका प्रसाद, रश्मि विश्वकर्मा, राज कुमारी, कंचन विश्वकर्मा, मुकेश, जगदेव निर्मल व रामप्रकाश ने राजू के साथ बिताए पलों को याद किया। रश्मि विश्वकर्मा व कंचन ने बताया कि वह राजू भइया को भोजन कराती थीं। 2016 को जन्माष्टमी पर वह उनके घर पर रुके थे। हम लोगों को बहुत स्नेह करते थे। जब भी आते तो कोई न कोई सामान जरूर लाते थे। पड़ोस में रहने वाली रामकली ने बताया कि राजू उन्हें माई कहकर पुकारते थे। उनके निधन की सूचना मिली तो विश्वास ही नहीं हुआ।