औरैया में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शुक्रवार (जुमा) को नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे। देश में अमन चैन की दुआ भी मांगी। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहा। शुक्रवार को सुबह से ही सीएए के विरोध-प्रदर्शन को लेकर माहौल गर्म रहा।
सुबह के घड़ी में 11 बजते ही मुुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों की ओर जाते दिखे। जहां नमाज अदा कराए जाने के दौरान देश में अमन-चैन कायम करने की दुआ कराई गई। खानपुर स्थित जामिया राशिदा मस्जिद में पूर्व राज्यमंत्री एवं जिला पंचायत अध्यक्ष मु.इरशाद के नेतृत्व में हजारों की संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए।
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राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते लोग
- फोटो : amarujala
जहां नमाज के बाद पूर्व राज्यमंत्री और इमाम ने एडीएम रेखा एस चौहान और एसडीएम सदर अनुपम शुक्ल को राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद खानपुर तक पैदल मार्च कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान युवाओं ने नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। जुलूस के दौरान हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।
पूर्व राज्यमंत्री मु.इरशाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून में एक जाति विशेष को सिर्फ परेशान करने का काम सरकार कर रही है। जिसका विरोध देश की किसी एक राज्य में नहीं बल्कि सभी राज्यों में हो रहा है। कहा कि सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। विरोध करने वालों के हाथों में पट्टिकाएं तो कुछ सीएए का विरोध करने लिए लिखा हुआ कुर्ता पहने नजर आए।
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पुलिस से बातचीत करते लोग
- फोटो : amarujala
शुक्रवार को जहां कई शहरों सुबसे ही इंटरनेट बंद था वहीं, औरैयार में सिर्फ आधे घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं। सीएए का मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रकट करते हुए बाजार बंद रखा। डीएम व एसएसपी ने देश की प्रसिद्ध खानकाह आस्ताना आलिया में पहुंचकर नमाज बाद मुस्लिम समुदाय की ओर से खानकाह के गद्दी नशीन सैय्यद अख्तर मियां चिश्ती से ज्ञापन लिया।
प्रशासन ने धारा 144 का हवाला देते हुए पहले से ही कस्बे में माइक के जरिये अफवाहों से बचने की हिदायत दे दी गई थी। शुक्रवार को सुबह से ही पूरा मुस्लिम मार्केट बंद रहा और जगह-जगह पुलिस व पीएसी तैनात रही। आस्ताने में जुमे की नमाज से पहले ही डीएम अभिषेक कुमार, एसपी सुनीति, एएसपी कमलेश दीक्षित फफूंद पहुंचे।
दरगाह के गद्दीनशीन हजरत सैयद अख्तर मियां चिश्ती ने देश में अमन-चैन और हिंदू-मुस्लिम फिरकापरस्त राजनीति को खत्म करने की दुआ कराई। दुआ खत्म होने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपते हुए कहा कि यह कानून भारत के संविधान के खिलाफ है और एक समुदाय विशेष के खिलाफ भेदभाव बरतता है।
डीएम ने बताया कि कस्बे में कानून का पालन करते हुए हजरत की रहनुमाई में मुस्लिम समुदाय ने जिस तरह से सतर्कता बरती, वह प्रशंसनीय है। इस मौके पर सैय्यद नवाज अख्तर चिश्ती, शहर काजी औरैया सैय्यद गुलाम अब्दुस्समद चिश्ती, मौलाना गुलाम जीलानी मिस्बाही, पूर्व चैयरमैन पति इजहार अहमद मेव, समाजसेवी आरिफ सिद्दीकी, मुईन अंसारी, सलीम खान, मो.खालिद आदि मौजूद रहे। इधर, सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम अजीतमल राशिद खान, सीओ कमलेश पांडेय, प्रभारी निरीक्षक अखिलेश जायसवाल पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहा।