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जन्मदिन विशेषः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ये 5 विचार बदल सकते हैं आपकी सोच

Mon, 01 Oct 2018 01:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
मूल रूप से कानपुर देहात के परौंख गांव निवासी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का आज जन्मदिन है। उनकी छाप आज भी उनके गांव वालों के दिलों में इस कदर है कि हर जुबां उनकी विनम्रता और शिष्टता के चर्चे करते नहीं चूक रही। आज उनके जन्मदिन के मौके पर गांव के छोटे-बड़े सभी उनकी चर्चा कर रहे हैं। उनकी शालीनता और सीधे स्वभाव ने हर किसी को कायल कर रखा था। 
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ये 5 विचार बदल सकते हैं आपका जीवन...

1. ‘राष्ट्रपति पद पर मेरा चयन मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा रहा है’
 ‘देश के लिए अथक सेवा भाव मुझे यहां तक ले आया’
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RAMNATH KOVIND - फोटो : SELF
2. ‘बड़े-बुजुर्गों का सम्मान कभी नहीं भूलना चाहिए’राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा, 'एपीजे अब्दुल कलाम जी और प्रणब मुखर्जी ने जिस परंपरा को आगे बढ़ाया है, उस पद पर मेरा चयन मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा रहा है.' उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि फूस की छत से पानी टपकता था. हम भाई-बहन दीवार के सहारे खड़े होकर बारिश बंद होने का इंतजार करते थे. आज भी जब बारिश हो रही है तो न जाने हमारे देश में ऐसे कितने ही रामनाथ कोविंद होंगे जो बारिश में भीग रहे होंगे, खेती कर रहे होंगे और शाम को रोटी मिल जाए इसके लिए मेहनत में लगे होंगे।
 
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रामनाथ कोविंद-सविता कोविंद
3. ‘अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए’
रामनाथ ने कहा कि इस पद पर रहते हुए संविधान की रक्षा करना और उसकी मर्यादा बनाए रखना मेरा कर्तव्य है। राष्ट्रपति पद पर मेरा चयन भारतीय लोकतंत्र की महानता का प्रतीक है।
 

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : self
4. ‘दूसरों के हित और सुख की कामना हमेशा करनी चाहिए’
रामनाथ ने चुनाव जीतने के बाद कहा कि मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सर्वे भवंतु सुखिन: की तरह मैं भी बिना भेदभाव के देश की सेवा में लगा रहूंगा। आप सभी को धन्यवाद।
 
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जन्मदिन
5. ‘बिना इजाजत किसी का कोई सामान नहीं लेना चाहिए’
बचपन के किस्से- रामनाथ के बचपन के दोस्त रामकिशोर शुरू से ही अनुशासन पसंद व्यक्ति थे। एक वाकया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार जब हम सभी दोस्त स्कूल से लौट रहे थे, तभी एक लड़के ने दूसरे के खेत में लगे गन्ने को तोड़ लिया। बिना इजाजत के गन्ना तोड़ने पर कोविंद गुस्सा हो गए। उन्होंने खेत मालिक को बुलाया और गन्ना वापस देकर लड़के को शख्त हिदायत दी कि अगर उसे ऐसा करना है तो वह उनके साथ फिर कभी न आए। इसके बाद लड़के ने अपनी गलती को मानते हुए माफ़ी भी मांगी।
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