संजीत यादव अपहरण कांड में तीस लाख की फिरौती का मुद्दा पुलिस और परिजनों के लिए गले की फांस बनता चला जा रहा है। एक ओर परिजन फिरौती की रकम जाने की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर पुलिस बैंक में पैसे ना होने की बात को साबित करने के लिए कभी संजीत के परिजनों की कॉल रिकॉर्डिंग तो कभी उनके खातों की बैंक स्टेटमेंट वायरल करने में लगी है।
विज्ञापन
2 of 5
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि परिजन अभी भी अपनी बात पर टिके हुए हैं। तीस लाख की फिरौती जाने के बाद भी संजीत यादव के ना छूटने से पुलिस की भद्द पिटी थी। देशभर के अधिकारियों और मीडिया की आलोचनाओं की शिकार हुई कानपुर पुलिस शुरुआत से ही फिरौती के लिए फेंके गए बैग में पैसे ना होने की बात कह रही थी।
विज्ञापन
3 of 5
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
जबकि संजीत के परिजनों का कहना था कि उन्होंने कुछ पैसे अपने रिश्तेदारों जान पहचान वालों से उधार लेकर फिरौती की रकम दे दी थी। रविवार को पुलिस ने संजीत के परिजनों की बैंक स्टेटमेंट सोशल मीडिया पर वायरल कर दावा किया कि अगर फिरौती देने के लिए परिजनों ने पैसे दिए थे तो उनके खातों में लाखों रुपए कहां से आए।
4 of 5
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
इस संबंध में संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक ना होने और तुरंत पैसों का इंतजाम करने के कारण वह खातों से पैसे नहीं निकाल सके थे। जब बेटे के अपहरण की जानकारी उनके रिश्तेदारों को हुई तो सभी ने नकदी देकर उनकी मदद की।
जिनको उन्हें पैसा निकाल कर देना था, लेकिन खराब स्वास्थ्य और मानसिक तनाव के चलते खाते से पैसा नहीं निकाल सके। तत्कालीन इंस्पेक्टर रणजीत राय के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल होने के संबंध में उन्होंने बताया कि बेटे के गम में उस वक्त उनकी कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। इंस्पेक्टर जो बोलते गए वह उनका सिर्फ हां में जवाब देते रहे।