उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के दुष्कर्म पीड़िता को जलाने में गिरफ्तार ग्राम प्रधान के पति और उसके बेटे समेत पांचों आरोपियों को शुक्रवार शाम 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दोपहर बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया था।
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आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने कोर्ट में किया पेश
- फोटो : अमर उजाला
दुष्कर्म पीड़िता ने इलाज के दौरान पीएचसी सुमेरपुर में अपने मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए थे। उसने गांव के प्रधान के पति हरिशंकर उसके बेटे शुभम, नजदीकी शिवम, उमेश बाजपेई और राम किशोर का नाम लेते हुए जलाने की बात कही थी। बयान के आधार पर ही पुलिस ने सात घंटे के अंतराल में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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आरोपी को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार दोपहर तीन बजे सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए लॉकअप से निकाला गया। इस दौरान पुलिस वैन तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने बेहद सतर्कता बरती। पुलिस ने एक घेरा बनाकर सभी आरोपियों को वैन में बैठाया और उन्हें उन्नाव कोर्ट लेकर पहुंची।
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दुष्कर्म पीड़िता के गांव में तैैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सीजेएम कोर्ट में सभी आरोपियों को पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट से आरोपियों को जेल तक ले जाने के लिए बिहार और सदर कोतवाली का फोर्स साथ रहा। वकील बिहार थानाक्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता को जलाने के आरोपियों की वकालत नहीं करेंगे।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष के इस फैसले पर सहमति जताई है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष दीपनारायण त्रिवेदी ने बताया कि आरोपियों की तरफ से कोई भी वकील अपना वकालतनामा नहीं लगाएगा। पैरवी न करने के साथ ही कोई अधिवक्ता उनका साथ नहीं देगा। यह जघन्य अपराध है। ऐसे आरोपियों की मदद नहीं की जा सकती।