कानपुर के गुजैनी ए ब्लाक में कम नंबर आने के डर से 12वीं की छात्रा ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी। वह दरोगा की बेटी थी और सीबीएसई बोर्ड की छात्रा थी। दोपहर बाद छोटा भाई स्कूल से घर लौटा तो आंगन में पड़े लोहे के जिंगले से मां की साड़ी के सहारे बहन का शव लटका पाया। लोगों ने जब अंदर जाकर देखा तो लड़की की लाश के पांव और घुटने जमीन से छूकर मुड़ चुके थे। पुलिस को शव के पास रखी वशिंग मशीन पर रखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें कम नंबर आने का जिक्र करते हुए इसके लिए माता-पिता से माफी मांगी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए।
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प्रज्ञा की लाश की फोटो खींचती उसकी रिश्तेदार
दरोगा हरिकृष्णा शुक्ला कौशाम्बी में पुलिस लाइन में तैनात हैं। यहां उनकी पत्नी सुधा, बेटी प्रज्ञा (18) और बेटा सौरभ रहते हैं। प्रज्ञा ने रतनलाल नगर स्थित हरमिलाप स्कूल से 12वीं की परीक्षा दी थीं। छोटा भाई सौरभ डीपीएस बर्रा में कक्षा-9 का छात्र है। शुक्रवार को प्रज्ञा घर पर अकेली थी। भाई सौरभ स्कूल और मां सुधा मरियमपुर अस्पताल में भर्ती नानी त्रिवेणी दीक्षित के लिए खाना लेकर गई थीं। दोपहर करीब 2:10 बजे सौरभ स्कूल से घर लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने बहन को आवाज दी, लेकिन जवाब नहीं देने हाथ डालकर कुंडी खोलने के बाद वह अंदर पहुंच गया।
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प्रज्ञा की लाश के पांव जमीन से टकराकर मुड़ गए
आंगन में पहुंचा तो बहन के शव को साड़ी के फंदे से लटका पाया। बगल में कुर्सी पड़ी हुई थी। इसके बाद वह भागकर घर के पास स्थित पीसीओ पहुंचा और फोन करके मां को जानकारी दी। इधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच-पड़ताल कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गोविंदनगर इंस्पेक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि सुसाइड नोट में छात्रा ने कम नंबर आने के डर से खुदकुशी की बात लिखी है।
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रोते बिलखते प्रज्ञा के परिजन
फॉरेंसिक विभाग के प्रभारी प्रवीन श्रीवास्तव ने बताया कि प्रज्ञा ने फांसी लगाकर जान दी है। अधिकतर मामलों में आत्महत्या करने वाले के पैर जमीन तक पहुंच जाते हैं। मुड़ भी जाते हैं। ऐसा कपड़े या साड़ी से फंदा लगाकर लटकने की वजह से होता है। प्रज्ञा के पैर भी जमीन पर छूने के साथ घुटनों से पीछे की तरफ मुड़ गए थे।
हाईस्कूल में 10 सीजीपीए हासिल किया था
प्रज्ञा ने सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी, जिसका रिजल्ट 27 मई को आना है। मां सुधा ने पुलिस को बताया कि हाईस्कूल में प्रज्ञा ने 10 सीजीपीए हासिल किया था। वह काफी होनहार थी। रिजल्ट आने की तारीख का पता चलने के बाद से वह परेशान थी, लेकिन वह ऐसा कदम उठाएगी, उन्हें यकीन नहीं हो रहा है।