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विकास दुबे कांड में नामजद फरार आरोपियों को पकड़ नहीं पा रही पुलिस, खुलेआम घूम रहे खूंखार बदमाश

Sun, 09 Aug 2020 11:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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vikas dubey news - फोटो : amar ujala
कानपुर बिकरू कांड के आरोपियों की धरपकड़ में पुलिस काफी हद तक नाकाम रही है। वारदात के बाद दो बदमाशों को मारने और दो महिलाओं समेत पांच लोगों को जेल भेजने के अलावा पुलिस किसी और को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि एसटीएफ ने तीन बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर करने के साथ अधिकतर गिरफ्तारियां की हैं।



 
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vikas dubey news - फोटो : amar ujala
उमाकांत ने अपने एक करीबी के जरिये थाने में सरेंडर होने की योजना बनाई और हाजिर हो गया। पुलिस उसको गिरफ्तार करने में नाकाम रही। वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने प्रेम प्रकाश और अतुल दुबे को मार गिराया था। इसके बाद जहान सिंह, श्यामू बाजपेई समेत पांच लोगों गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अन्य सभी गिरफ्तारियां एसटीएफ की टीम ने कीं।

 
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vikas dubey news - फोटो : amar ujala
विकास दुबे समेत तीन को एसटीएफ ने ही मार गिराया था। एक को इटावा पुलिस ने ढेर किया। पुलिस शुरुआती कार्रवाई करने के बाद हर तरह से फेल रही है। पिछले सप्ताह आरोपी गोपाल सैनी भी पुलिस को चकमा दे कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया था। अब उमाकांत ने थाने में सरेंडर कर दिया। इसका वीडियो भी बनाया गया। अभी भी जिलेदार, शिव तिवारी, हीरू दुबे से जैसे खूंखार बदमाश फरार हैं। 

 

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vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
घर पर ही दबिश देती रही पुलिस
सूत्रों के मुताबिक तीन-चार दिन से उमाकांत बिकरू गांव व चौबेपुर के आसपास ही शरण लिए हुए था। पुलिस केवल उसके घर पर ही दबिश देती रही। इस दौरान उसके एक करीबी शायद ये वकील या कथित पत्रकार है। उसने थाने में सरेंडर करने की सलाह दी। पुलिस उमाकांत को शरण देने वालों को चिह्नित कर रही है।  

 
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vikas dubey news - फोटो : amar ujala
घर तक नहीं पहुंची पुलिस
हाल में ही एसटीएफ ने मदारीपुरवा गांव के प्रधान राम सिंह यादव को जेल भेजा था। पूछताछ में उसने बताया था कि वारदात के बाद वह इधर-उधर से गांव की खबर लेता रहता था। इस दौरान उसने बताया कि पुलिस उसके घर ही नहीं गई। इससे पुलिस की लापरवाही अंदाजा लगाया जा सकता है।  
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