कानपुरः ढाई साल की बच्ची सुहानी की गला रेतकर हत्या में पुलिस खुलासे के लगभग करीब है। पुलिस ने शक के आधार पर बस्ती के पांच लोगों को उठाकर पूछताछ की,जिसमें से एक 13 साल के किशोर की गला काटकर हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस को छानबीन में उसकी झोपड़ी से कई बच्चों और महिलाओं के कपड़े भी मिले हैं।
वहीं, एडीजी अविनाश चंद्र ने बिधनू स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचकर निरीक्षण किया। यहीं पर गुरुवार को बच्ची का शव मिला था। एडीजी ने खुलासे केलिए अपनी स्पेशल टीम भी लगाई है।
कच्ची बस्ती बर्रा, आठ निवासी बाबूलाल की ढाई साल की बेटी सुहानी एक फरवरी की शाम को घर से बाहर से लापता हो गई थी। पुलिस ने उसी रात अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी, लेकिन तलाश के लिए कोई प्रयास नहीं किए। गुरुवार दोपहर को बिधनू स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के चैंबर में बच्ची का लगभग नष्ट हो चुका शव मिला। कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त बाबूलाल ने सुहानी के रूप में की। पोस्टमार्टम से पता चला कि गला रेतकर उसकी हत्या की गई।
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सुहानी की फाइल फोटो
परिजनों के रंजिश से इंकार के बाद पुलिस ने शक के आधार पर कच्ची बस्ती के पांच लोगों को उठाया। इनमें से दो मूलरूप से बांदा, तीसरा फतेहपुर, चौथा महोबा और पांचवां अनवरगंज के कुरियाना का निकला। पूछताछ में पता चला कि कुरियाना निवासी शख्स (52) 2010-2011 में बर्रा के गुंजन विहार के लाले उर्फ रोहित (13) का गला काटकर हत्या के मामले में जेल जा चुका है।
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झोपड़ी से मिले बच्चों व महिलाओं के कपड़े
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कुरियाना, अनवरगंज निवासी शख्स के हत्या में जेल जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस की जांच उस पर टिक गई। पुलिस ने उसकी झोपड़ी की तलाशी ली तो बच्चों और महिलाओं के कपड़े मिले, जबकि बस्ती के लोगों का कहना है वह सालों से अकेला रह रहा है। ये कपड़े किसके हैं, पुलिस छानबीन कर रही है। यह शख्स क्या काम-धंधा करता है, बस्ती वाले कुछ नहीं बता पाए।
बच्चों को बांटता था टॉफी
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डेमो पिक
पूछताछ में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि कुरियाना निवासी शख्स बच्चों को टॉफी बांटता रहता था। इससे बस्ती के बच्चे उसके आस-पास टहलते रहते थे। पुलिस इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है कि कहीं वह टॉफी आदि देने के बहाने बच्चों का शोषण तो नहीं करता था।
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गले नहीं उतर रही शव बहकर पहुंचने की कहानी
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सुहानी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस बच्ची का शव बहकर ट्रीटमेंट प्लांट के चैंबर तक पहुंचने की बात कह रही है। पुलिस का कहना है कि बस्ती में एक चैंबर खुला है। हो सकता है कि हत्यारे ने हत्या के बाद चैंबर में शव फेंक दिया हो, जिससे शव बहकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया हो। जबकि हकीकत यह है कि शव 200 एमएलडी प्लांट के चैंबर में मिला, जिसमें पानी चार स्क्रीनिंग प्वाइंट से होकर गुजरता है। इसमें तीन मैनुअल और एक पुलीदार है। पुलीदार छोटी सी छोटी पॉलीथीन को भी निकालकर बाहर कर देता है। ऐसे में शव चैंबर तक कैसे पहुंचा, यह गले उतर नहीं रहा है।
पांच लोगों को शक के आधार पर पूछताछ के लिए उठाया गया है। इनमें से एक हत्या में जेल जा चुका है। उसकी झोपड़ी से कई बच्चों और महिलाओं के कपड़े मिले हैं। इन्हीं सब बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है।
अशोक वर्मा, एसपी साउथ