कानपुर में हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर हत्याकांड के तार पूर्वांचल से जुड़ने लगे हैं। कानपुर के हिस्ट्रीशीटरों के साथ मिलकर पूर्वांचल के शूटरों ने पिंटू को मौत के घाट उतारा। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों की पहचान भी कर ली है।
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सीसीटीवी में कैद हुए बाइक सवार बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
इनके खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाने की कवायद चल रही है। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने के साथ ही पुलिस ने फरार शूटरों की लोकेशन को भी ट्रेस किया। पता चला कि बाइकों पर सवार शूटर शुक्लागंज की तरफ भागे थे।
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पिंटू सेंगर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजासा
जांच में सामने आया कि शहर के दो हिस्ट्रीशीटर वारदात में शामिल रहे हैं। इनके साथ पूर्वांचल के शूटर मिले और फिर नरेंद्र की हत्या कर दी गई। चमनगंज क्षेत्र का एक शातिर हिस्ट्रीशीटर रडार पर है। वारदात में शहर की दोनों बाइकों का इस्तेमाल किया हैं। इन जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शानू ओलंगा हत्याकांड से भी जुड़ रहे तार शनिवार को चकेरी थाना क्षेत्र के जेके कॉलोनी आशियाना में जिस तरह दिनदहाड़े बेखौफ होकर नरेंद्र पर गालियां बरसाईं गईं, ठीक उसी तरह कुख्यात अपराधी शानू ओलंगा को भी सरेराह मौत के घाट उतारा गया था। इसमें भी एक लाल और दूसरी काले रंग की पल्सर का इस्तेमाल किया गया था।
बसपा नेता की गोलियों से भूनकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
इत्मिनान से वारदात को अंजाम देकर बदमाश भागे थे। आशंका है कि शानू की हत्या करने वाले शूटरों ने पिंटू को मारा है। फुटेज से उनका हुलिया भी मैच कर रहा है। शूटरों को मालूम था कि पंचायत कहां, कितने बजे से और किसके यहां है। इसलिए वे पिंटू के घर से ही पीछे लग गए और चंद्रेश के घर के बाहर उतरते ही पिंटू को भून दिया। इससे माना जा रहा है कि पंचायत से जुड़े किसी शख्स का भी हाथ हो सकता है जो सारी जानकारी लीक कर रहा था।