कानपुर एनकाउंटर के बाद पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। हर संदिग्ध कड़ी को जोड़ रही है। पुलिस ने विकास दुबे के फोन में मिले हर नंबर की जांच कर रही है। हर उस शख्स से पूछताछ कर रही है जिसने कभी विकास दुबे के साथ फोटो खिंचवाई है। काकादेव पुलिस शनिवार देर रात विजय नगर चौराहे पर लावारिस हालत में खड़ी तीन लग्जरी कारों को विकास कनेक्शन से जोड़ते हुए थाने ले आई।
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विकास दुबे के साथ डांस करता जय बाजपेयी
- फोटो : amar ujala
छानबीन में कारें बीजेपी युवा मोर्चा के एक नेता समेत दो व्यापारियों की निकलीं। पुलिस ने तीनों को थाने बुलाकर पूछताछ की तो कारें नजीराबाद के ब्रह्मनगर निवासी एक कारोबारी द्वारा चलाए जाने की बात सामने आई। उसने पूछताछ की डर से अपनी लग्जरी कारें एक रिश्तेदार के जरिए विजय नगर चौराहे पर खड़ी कराने की बात कबूली। पुलिस कारोबारी समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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विकास दुबे के साथ जय बाजपेयी
- फोटो : amar ujala
थाना प्रभारी केके दीक्षित ने बताया कि शनिवार देर रात विजयनगर चौराहे पर बिना नंबर तीन लग्जरी कारें (ऑडी, फारच्यूनर व वरना) खड़ी होने की सूचना मिलते ही फोर्स भेजा। एक कार कवर से ढकी और दो बिना नंबर की कारें मिलीं। रविवार सुबह नौ बजे एक युवक कार ले जाने के लिए पहुंचा तो पुलिस उसे दबोच कर थाने ले आई। पूछताछ में युवक ने अपना नाम अभिनव बताया। बताया कि ये कार ब्रह्मनगर निवासी कारोबारी जय बाजपेई की हैं।
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पूर्व विधायक सतीश निगम के साथ विकास अवस्थी
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने जय बाजपेई को थाने बुलाकार पूछताछ शुरू की। ऑडी ईदगाह कालोनी निवासी बीजेपी के युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा, फारच्यूनर चकरपुर मंडी निवासी रेस्टोरेंट संचालक राहुल सिंह व वरुना अशोक नगर निवासी जूता और टेडीबियर कारोबारी कपिल सिंह के नाम से रजिस्टर्ड थी। तीनों लोगों ने कार उनके नाम से रजिस्टर्ड होने की बात कबूलते हुए जय बाजपेई द्वारा संचालन करने की बात लिखकर दी है।
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पूर्व सांसद राजा राम पाल के साथ विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
ऑडी में घूमते थे बीजेपी नेता और हास्य कलाकार
पुलिस के मुताबिक जय की ऑडी कार से बीजेपी नेता, हास्य कलाकार समेत अन्य लोग भी चलते थे। पुलिस को शक है कि जय की कार को विकास भी इस्तेमाल करता था। इसके अलावा कार में एक फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिला था। पुलिस ने रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच पड़ताल की तो पता चला कि जिसके नाम से रजिस्ट्रेशन नंबर है वह कार प्रयोग ही नहीं करते हैं। इससे जय शक के घेरे में आ गया। जय ने कार के भीतर दूसरी नंबर प्लेट होने से इंकार किया है।
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पकड़ी गईं लग्जरी कारें
- फोटो : amar ujala
जय ने पुलिस को बताया कि उसका कार एसेसरीज, इलेक्ट्रानिक, कांस्ट्रैक्शन के अलावा बीसी का धंधा है। बहुत पहले बैंक में उसका सिविल खराब हो गया था। इसलिए व्यवसायिक रिश्ते के चलते उसने अपने परिचितों के नाम से गाड़ियां फाइनेंस कराई थीं। पुलिस जांच में जुटी है। जय ने पुलिस को बताया कि शनिवार दोपहर नजीराबाद थाना प्रभारी ज्ञान सिंह भारी फोर्स संग उसके घर पहुंचे। उन्होंने विकास दुबे संग सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने की बात कहते हुए पूछताछ की बात कही। कल्याणपुर थाने में पुलिस ने उससे घंटो पूछताछ की। पुलिस के डर से उसने स्वरूपनगर निवासी अपने साले यश से कहकर कारें विजय नगर निवासी दोस्त के घर खड़ी करा दी थीं।
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सीतापुर के मिश्रिख में पकड़ा गया विकास का करीबी डॉ. अनुपम दुबे
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चौबेपुर में है जय का पैतृक गांव
पुलिस का कहना है कि जय बाजपेई मूलरूप से दलीपनगर का रहने वाला है। जो बिकरू गांव से महज छह किमी पहले है। पूछताछ में जय ने बताया कि उसके बड़े भाई अजय की बिकरू गांव से एक किमी पहले ससुराल है। 30 जून को भाई के साले की बेटी की शादी में वह अपने पूरे परिवार संग तीनों गाड़ियों से शामिल होने गया था। वहां उसकी मुलाकात विकास समेत कई अन्य लोगों से हुई थी। चौबेपुर थाना क्षेत्र में उसका पैतृक घर और भाई की ससुराल होने के चलते उसकी विकास दुबे से पहचान महज हाय हैलो तक ही सीमित है। वहीं विकास समेत अन्य लोगों के साथ फोटो खींची गई थी।
एडीजी एलओ और विकास दुबे एवं हमले में शहीद पुलिसकर्मी
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जय के पक्ष में थाने पर पहुंचे भाजपाई
तीनों कार समेत जय को थाने ले जाने की सूचना मिलते ही थाने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं, हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी समेत कई व्यापारी पहुंच गए। लोगों ने जय के निर्दोष होने की बात कही। पुलिस विकास का जय से कनेक्शन खंगालने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जय बाजपेई का एक भाई सपा नेता भी है। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर है जो भौकाल गांठने के लिए एक ही नंबर की लग्जरी कारें खरीदता था।