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पतियों की बेवफाई से ‘बीमार नहीं बहुत बीमार’ हुईं बेचारी पत्नियां!

Wed, 30 Nov 2016 06:26 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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पत्नियों की जागरूकता ही उन्हें इस रोग से बचा सकती है
जागरूकता की कमी हो या कारण कोई दूसरा हो लेकिन एचआईवी के जंजाल में फंसकर पत्नियां बड़ी संख्या में बीमार हो रही हैं। पतियों की बेवफाई का सितम पत्नियों को झेलना पड़ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि कुल एड्स रोगियों में महिलाएं काफी संख्या में हैं। हरदोई परामर्श केंद्र के आंकड़ों की मानें तो हर वर्ष जांच के बाद सामने आने वाले एचआईवी पॉजीटिव पीड़ितों में पुरुषों के साथ महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है। इसी साल नवंबर माह तक कुल 13 पॉजीटिव रोगियों को चिह्नित किया गया है। जिसमें चार महिलाएं शामिल हैं।
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निश्चित रुप से पति से ही रोग मिला

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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
फरवरी, मार्च, मई, जुलाई माह में एक-एक महिला को एचआईवी है। संबंधित परामर्शदाता का कहना है कि इनमें दो को निश्चित रुप से पति से ही रोग मिला है, क्योंंकि उनके पति भी पूर्व में चिह्नित किए जा चुके हैं। परामर्शदाता प्रहलाद सिंह गौर का कहना है प्रत्येक वर्ष एक व दो महिलाएं ऐसी भी पॉजीटिव मिलती हैं जिनके पति पूर्व में ही पॉजीटिव चिह्नित हैं। ऐसा नहीं है कि इस वर्ष ही महिलाएं इस रोग से ग्रसित पाई गई हैं। इससे पूर्व भी महिलाएं पॉजीटिव मिली हैं। पत्नियों की जागरूकता ही उन्हें इस रोग से बचा सकती है। ब्लड चढ़वाते समय, इंजेक्शन लेते समय भी ध्यान देेने की जरूरत है।
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हर दिन बढ़ रही जांच कराने वालों की संख्या

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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
एचआईवी पॉजीटिव की जांच कराने वाले की संख्या जिले में लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2016 में नवंबर माह तक ही 5141 महिला व पुरुषों ने जांच कराई है। जिसमें 2989 पुुरुषों व 2152 महिलाओं ने जांच कराई है। जबकि इससे पूर्व में 3383 पुरुष व 2318 महिला, 2014 में 3702 व 2439 और वर्ष 2013 में 3752 पुरुष व 2116 महिलाआें ने परीक्षण कराया है। 

गर्भवती महिलाओं में अधिक पाए जा रहे रोगी

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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों के अनुसार पुरुषों में यह बीमारी तो हो ही रही है लेकिन महिलाओं की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इसका कारण जिले में बाहर से आ रही बीमारी माना जा रहा है। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के परिवार परामर्श जिला समन्वयक प्रहलाद गौर ने बताया कि एचआईवी पॉजीटिव ग्रस्त महिलाओं से ली गई जानकारी से यह बात स्पष्ट हुई कि उनके पति बाहर काम करते हैं।
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रैली व गोष्ठी का होगा आयोजन

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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी रावत ने बताया एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर से सुबह 10 बजे एड्स जागरूकता रैली का आयोजन होगा। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सुबह 11 बजे एड्स संवेदीकरण गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
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