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PHOTOS: 'जब छोड़ना पड़ा आशियाना', इनका दर्द बयां करने के लिए शब्द नहीं तस्वीर ही काफी हैं

Mon, 28 May 2018 07:32 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के सख्त रुख पर एलनगंज स्थित टेफ्को कॉलोनी को खाली कराने के लिए बनाई गई रणनीति के मुताबिक रविवार सुबह छह बजे से ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर फोर्स के साथ पहुंचने लगे।
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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते - फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब 10:15 बजे डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ कॉलोनी परिसर का मुआयना किया। इसके बाद घरों को खाली करने की कार्रवाई शुरू की गई। इस पर कुछ परिवार के लोगों और महिलाओं ने विरोध किया, लेकिन अफसरों ने किसी की नहीं सुनी।
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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कई लोगों ने गृहस्थी ले जाने के लिए वाहन मुहैया न होने की बात कही तो अफसरों ने 30 लोडर मंगा दिए। इसके बाद लोग कॉलोनी गृहस्थी हटाने लगे। इधर जो घर खाली होते जा रहे थे, उसमें अफसर ताले लगवाते जा रहे थे।

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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कॉलोनी परिसर के बाहर और भीतर बनी अवैध दुकानों को भी गिरवाया गया। देर शाम तक डीएम और एसएसपी फोर्स के साथ मौके पर डटे रहे।
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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि शत-प्रतिशत मकान और कब्जे खाली करा दिए गए हैं। फिर भी एतिहात के तौर पर पुलिस और पीएसी को कालोनी में तैनात किया गया है।  

 
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घर छोड़ने से पहले बूढ़ी मां को तरबूज खिलाती महिला - फोटो : अमर उजाला
हाल में कराए गए सर्वे में वहां 624 आवासों में अवैध कब्जे मिले थे। इन आवासों में करीब चार हजार लोग रहते थे।
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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
पिछले तीन दिनों से  कॉलोनी के लोगों पर दबाव बनने के लिए अफसरों ने फोर्स के साथ कई राउंड भ्रमण और फ्लैग मार्च किया।

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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
शनिवार देर रात को भी अफसरों ने फोर्स के साथ वहां फ्लैग मार्च किया।

 

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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
1999 में हुआ था पहला आदेश
 

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कॉलोनी छोड़ने पर मायूस लोग - फोटो : अमर उजाला
टेफ्को बंद होने के बाद श्रमिकों ने कॉलोनी (एलनगंज सेटलमेंट कॉलोनी) खाली नहीं की थी।

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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1995 में कंपनी की तरफ से कोर्ट में कालोनी खाली कराए जाने के लिए याचिका दायर की गई थी।

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कॉलोनी छोड़ने पर मायूस लोग - फोटो : अमर उजाला
कब्जेदारों से कॉलोनी खाली कराने का आदेश वर्ष 1999 से कोर्ट ने दिया था, लेकिन कॉलोनियां खाली नहीं हुईं और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। 

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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
घर छोड़ने का दर्द बयां करती ये तस्वीरें।

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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
इस बच्ची को घर छोड़ने के साथ ही अपने इस खिलौने की चिंता थी। हर किसी को इन घरों इन गलियों से कोई न कोई जूड़ाव रहा है हो भी क्यों न एक लंबा अर्सा गवाह है इनकी मौजूदगी का।
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कॉलोनी छोड़ने पर रोते बिलखते लोग - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह हर कोई किसी न किसी वाहन से इन गलियों से गुजर गया रह गए तो बस वो 'गलियों में गुजरे दिन'।
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