शहर में हुई हिंसा की पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सर्विलांस सेल ने हिंसा वाले दिन देवबंद, सहारनपुर, कश्मीर और मुंबई के 13 मोबाइल नंबरों की लोकेशन शहर में ट्रेस की है। यानी इन शहरों के लोग घटनास्थल पर मौजूद थे। अगले दिन इन नंबरों की लोकेशन उनके शहरों में ट्रेस की गई। इन नंबरों से हिंसा में शामिल कई नामजद आरोपियों से बातचीत होने की भी पुष्टि हुई है।
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कानपुर में हिंसा की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
आशंका है कि हिंसा में ये सभी शामिल हैं। पुलिस और जानकारी जुटाकर कार्रवाई करने की तैयारी में है। पुलिस सर्विलांस के जरिए हिंसा के साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रही है। सूत्रों के मुताबिक 13 ऐसे नंबर सामने आए हैं, जो देवबंद, सहारनपुर, कश्मीर और मुंबई के हैं।
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नागरिकता कानून के विरोध में सुलग उठा था कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
15- 19 दिसंबर के बीच इन सभी नंबरों की लोकेशन कानपुर में थी। पुलिस के मुताबिक आशंका है कि इन लोगों ने पांच-छह दिन पहले शहर आकर हिंसा के लिए लोगों को उकसाया और भड़काया जिसका परिणाम 20 व 21 दिसंबर को देखने को मिला। सूत्रों ने बताया कि हिंसा खत्म होने के बाद ये सभी लोग अपने-अपने शहर में चले गए। अब उनकी लोकेशन वहीं है।
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नागरिकता कानून पर कानपुर में भड़की थी हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
6-7 लोगों ने दी पनाह
देवबंद, सहारनपुर, कश्मीर और मुंबई से आए लोगों की नामजद आरोपियों समेत छह से सात लोगों से बातचीत की पुष्टि कॉल डिटेल से हुई है। साफ है कि इन्हीं लोगों ने इन बाहरी लोगों को पनाह दी। अभी तक पुलिस के हत्थे इन शहरों में कहीं का कोई शख्स नहीं चढ़ा है। पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनसे इस बारे में पूछताछ करेगी। पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
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देवबंद, सहारनपुर, कश्मीर और मुंबई के लोगों ने की थी कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
घूम-घूमकर फैलाई हिंसा
जिन नंबरों को शहर पुलिस ने ट्रेस किया है, उनको अन्य शहरों की पुलिस से साझा किया है। पुलिस को शक है कि शायद यही लोग या फिर इनसे जुड़े लोग एक साथ अलग-अलग शहरों में गए, लोगों को भड़काया और बवाल कराया। फिर चले गए। प्रदेश भर में कॉमन नंबरों को चिन्हित किया जा रहा है।
अभी और नंबर मिल सकते हैं
सर्विलांस सेल ने बाबूपुरवा व यतीमखाना में हुए बवाल के बाद डाटा डंप करवाकर करीब 15 हजार नंबर चिन्हित किए हैं। सभी की सीडीआर खंगाली जा रही है। आशंका है कि अभी और बाहरी नंबर मिल सकते हैं। पुलिस सर्विलांस के जरिये ही बड़ों तक (मुख्य साजिशकर्ताओं) तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटी है।
बाहरी लोगों के नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं। कुछ नंबर मिले भी हैं जिनकी पूरी जानकारी खंगाली जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर इन लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। अनंत देव, एसएसपी