कानपुर जिले में कोरोना संकट के बीच गुरुवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शाम पांच बजे तक 59.63 फीसदी मतदान हुआ। मतदाताओं को न तो कोरोना का भय रोक सका और न ही 40 डिग्री तापमान। यहां की 590 ग्राम पंचायतों में बनाए गए 1994 बूथों पर कहीं सुबह सात तो कहीं आठ बजे से वोटिंग शुरू हुई।
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मतदान के लिए लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
सुबह 11 बजे तक 19 फीसदी, एक बजे तक 32.47 फीसदी, तीन बजे तक 46.46 फीसदी वोट पड़ चुके थे। कई केंद्रों में विवाद की स्थिति रही। चौबेपुर के क्योना में जिला पंचायत सदस्य के मतपत्र खत्म हो गए, इससे मतदाताओं की लंबी लाइन लगी रही। पांच बजे तक मतपत्र नहीं पहुंचे थे।
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नहीं दिखा कोरोना का डर
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इससे बड़ी संख्या में मतदाता निराश होकर लौट गए। उधर बिल्हौर में फर्जी मतदान का आरोप लगाकर दो पक्षों में झगड़ा हुआ। काफी देर तक मतदान रुका रहा। चौबेपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पारा प्रतापुर में चुनाव ड्यूटी कर रही महिला नीलम बेहोश हो गई।
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मतदान करने का इंतजार करने मतदाता
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उसे अस्पताल पहुंचाया गया। बताया कि दो दिन पहले कोरोना की जांच कराई थी। रिपोर्ट नहीं आई है। इस दौरान करीब आधा घंटा मतदान प्रभावित रहा। बिधनू ब्लॉक के करौली में पीठासीन अधिकारी की तबीयत खराब हो गई। उन्हें एंबुलेंस से कानपुर ले जाया गया।
पतारा ब्लॉक के बनहरी गांव में एक परिवार में निधन होने की वजह से गए लोगों के वोट फर्जी तरीके से पड़ गए। परिवार जब लौटकर आया तो उन्हें वोट डालने को नहीं मिला। परिवार ने पीठासीन अधिकारी से शिकायत की। जिले में जिला पंचायत सदस्य के 399, ग्राम प्रधान के 4485 बीडीसी के 3402 व ग्राम पंचायत सदस्य के 1425 प्रत्याशी मैदान में हैं।