आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) में मंगलवार को एलएफजी (लाइट फील्ड गन) को टेस्टिंग केलिए तैयार करते वक्त उसमें लगे नाइट्रोजन और ऑयल सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गए। हादसे में एक सहायक इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अधिकारियों समेत आठ लोग घायल हो गए। घायलों को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो अधिकारियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
विज्ञापन
2 of 6
ओएफसी में धमाका
- फोटो : अमर उजाला
एलएफजी में लगे कैरिज के री क्वाइल सिस्टम में नाइट्रोजन सिलिंडर और ऑयल भरे सिलिंडर लगे होते हैं। इनसे ही बैरल की झमता का आंकलन किया जाता है। बुधवार को लाइट फील्ड गन की पनकी स्थित कानपुर प्रूफ रेंज में टेस्टिंग होनी थी इसलिए मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे क्यूएडब्ल्यू (क्वालिटी एश्योरेंस वेपन) सेक्शन में बैरल का खिंचाव चेक किया जा रहा था।
विज्ञापन
3 of 6
धमाके के बाद मच गया हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
तभी गन कैरिज में लगे दोनों सिलिंडर अचानक तेज धमाके के साथ फट गए और वहां आग लग गई। हादसे में जबलपुर निवासी सहायक इंजीनियर एमएस राजपूत (करीब 60 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही सहायक इंजीनियर प्रताप सिंह, पंकज श्रीवास्तव, संदीप किलकर व एग्जामिनर एमपी महतो, द्वारिका शाह, अतुल श्रीवास्तव सहित दो लेबर राम चंद्र गुप्ता और करुणा शंकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
4 of 6
धमाके के बाद मलबा हटाती टीम
- फोटो : अमर उजाला
इनकी हालत नाजुक
हादसे के बाद छह घायलों को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सहायक इंजीनियर प्रताप सिंह और एग्जामिनर एमपी महतो की हालत नाजुक बनी हुई है। शरीर का अधिकतर हिस्सा झुलस गया है। घटना के बाद आर्डनेंस फैक्ट्री के जीएम मुकुल कुमार गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
5 of 6
ओएफसी में धमाका
- फोटो : अमर उजाला
दो महीने बाद होना था सेवानिवृत्त
घटना के वक्त मौजूद ओएफसी कर्मचारियों ने बताया कि धमाके से मृतक सहित अन्य घायल कई-कई फुट दूर जाकर गिरे थे। एक-एक कर सभी कर्मचारियों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया जा रहा था। जब एमएस राजपूत को उठाया गया तो उनकी सांसें चल रहीं थीं मगर जब उन्हें एंबुलेंस तक पहुंचाया गया तब उनकी सांसें थम चुकी थीं। कर्मचारियों ने बताया कि दो महीने बाद ही एमएस राजपूत सेवानिवृत्त होने वाले थे।
ओएफसी में धमाके के बाद मौजूद भीड़
- फोटो : अमर उजाला
फैक्ट्री में मचा हड़कंप, इलाके में दहशत
धमाके से फैक्ट्री की दीवारें तक हल गईं थीं। यही वजह थी कि फैक्ट्री में मौजूद सैकड़ों कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। वह सभी दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं फैक्ट्री के बाहर भी लोगों का मजमा लग गया था। सहायक इंजीनियर प्रताप सिंह, सहायक इंजीनियर पंकज श्रीवास्तव, सहायक इंजीनियर संदीप किलकर, एग्जामिनर एमपी महतो, एग्जामिनर द्वारिका शाह, एग्जामिनर अतुल श्रीवास्तव, लेबर राम चंद्र गुप्ता, लेबर करुणा शंकर धमाके में गंभीर रुप से घायल हैं।