कहते हैं न जहां चाह है वहां राह है... हमीरपुर के गहरौली इलाके में एक गांव के कुछ युवाओं एवं बुजुर्गों ने स्वच्छता अभियान की जबरदस्त मुहिम छेड़ रखी है। इनके आइडिया ऐसे हैं कि कोई भी सुनकर चौंक पड़े।
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हाल ही में इन्होंने ग्रामीणों को खुले में शौच जाने से मना किया लेकिन इस पर भी लोग नहीं माने। इन्हें रोकने के लिए बाद में एक अनुठा तरीका निकाला गया। और देखिए अब पूरा गांव शौच मुक्त हो गया है। अब कोई डिब्बा लेकर खेतों की ओर जाता नहीं नजर आता जबकि पहले आलम ये था कि सुबह और शाम के वक्त लोग सीधे खेतों की और चल देते थे।
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अनोखी पहल की शुरुआत की
दरअसल, इन्होंने खुले में शौच जाने वालों को रोकने के लिए उन्हें माला पहनाकर उन्हें शर्मसार करने का अभियान चलाया है। अब सुबह-शाम ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें माला पहनाया जा रहा है और फूल दिया जा रहा है। गांव के निर्भास कुमार द्विवेदी, गगन गुरुदेव, नितिन गुरुदेव, प्रीतू द्विवेदी, अंकित आदि ने टीम बनाकर खुले में शौच जाने वालों को चिह्नित करने का काम शुरू किया है।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें प्रशासन भी ऐसी मुहिम में ग्रामीणों के साथ खड़ा नजर आ रहा है। भाजपा शासित प्रदेशों की तेजी से तस्वीर बदल रही है। अभी हाल ही में खबर सामने आई थी कि मध्यप्रदेश के भोपाल में भी इसी प्रकार की मुहिम छेड़ी गई थी।
यहां गांव को स्वच्छ बनाने के लिए नगर-निगम महापौर और उनकी टीम ने एक शर्मा ने रोको-टोको अभियान चलाया था। जिसके तहत सुबह 6 बजे महापौर अलोक शर्मा अपनी पूरी टीम के साथ छोला इलाके में पहुंचे और पटरियों के आसपास खुले में शौच जाने वाले लोगों को सीटी बजाकर रोका और फूल माला पहनाकर खुले में शौच न जाने की अपील की। इसके बाद झुग्गियों में जाकर महापौर ने लोगों को खुले में शौच न जाने की शपथ भी दिलाई।