कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद देशवासियों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग करने के लिए जहां एक तरफ भारत सरकार ठोस कदम उठा रही है वहीं कानपुर के पीपीएन कॉलेज की छात्रा अनुषिका श्रीवास्तव ने एक ऑनलाइन याचिका दायर की है।
विज्ञापन
2 of 10
डेमो पिक
इसमें छात्रा ने भारत सरकार के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ से पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने की मांग की है। छात्रा ने याचिका में कहा है कि पाकिस्तान में हजारों आतंकी पल रहे हैं जो न केवल भारत को अपना निशाना बनाते हैं बल्कि उनसे दुनिया के कई देश बुरी तरह से प्रभावित हैं। ये आतंकी इस्लाम के नाम पर युवाओं को गुमराह करके दुनिया में अस्थिरता स्थापित करने में जुटे हैं।
विज्ञापन
3 of 10
डेमो पिक
पाकिस्तानी सरकार और सेना भी इनका साथ देती है। इसलिए ऐसे देश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। इन्हें न केवल आतंकी राष्ट्र घोषित किया जाए बल्कि वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को दी जाने वाली तमाम सुविधाओं पर भी रोक लगा दी जाए। अनुषिका ने इस याचिका में कांधार, पठानकोट, मुंबई के होटल ताज, संसद सहित कई आतंकी घटनाओं का भी जिक्र किया है।
4 of 10
डेमो पिक
अनुषिका ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ से पहले यह कदम केंद्र सरकार को उठाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह संसद का विशेष सत्र बुलाकर पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करे। यह शहीदों के सम्मान में बड़ा कदम होगा। जबतक सरकार ऐसा नहीं करती है तबतक यह आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
5 of 10
डेमो पिक
24 घंटे में तीन लाख लोगों ने किया हस्ताक्षर
www.change.org पर अनुषिका की ओर से दायर इस याचिका पर लोगों का खूब समर्थन मिल रहा है। 24 घंटे के अंदर साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों ने इस ऑनलाइन याचिका पर अपने हस्ताक्षर किए। अनुषिका ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अपील पर अपने ऑनलाइन हस्ताक्षर करें और पाकिस्तान की हकीकत दुनिया को दिखाएं।
विज्ञापन
6 of 10
डेमो पिक
फेसबुक पर हैशटैग टेररिस्ट पाक से चला अभियान
कानपुर के देव नगर की रहने वाली अनुषिका श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ फेसबुक पर भी अभियान शुरू कर दिया है। इसमें वह भारत के अलावा विदेशों में रह रहे लोगों को जोड़ रही हैं। ताकि दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे लोग पाकिस्तान की हरकतों को जान पाएं। अनुषिका के मुताबिक कैलिफोर्निया, ऑस्ट्रेलिया, स्वीट्जरलैंड, अफ्रीका, रूस जैसे कई देशों में रहने वाले लोगों ने भी इस अभियान को अपना समर्थन दिया है।
विज्ञापन
7 of 10
डेमो पिक
तीन दिनों में दो करोड़ से ज्यादा हुए पोस्ट
साइबर एक्सपर्ट प्रो. संदीप शुक्ला ने बताया कि फेसबुक ट्रेंडिंग ग्राफ के मुताबिक शहर से तीन दिनों में पुलवामा घटना को लेकर डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों ने विभिन्न तरह की पोस्ट की हैं। इसके अलावा करीब दस लाख ट्वीट हुए हैं। व्हाट्सएप का आंकड़ा स्पष्ट नहीं हो पाया है।
8 of 10
डेमो पिक
ऐसे सफल होती है याचिका
याचिका पोर्टल पर याचिका के समर्थन में हस्ताक्षरों की संख्या निर्धारित होती है। इसे वेबसाइट संचालन कंपनी खुद निर्धारित करती है। किसी अभियान में जितने ज्यादा हस्ताक्षर होते हैं, उसका महत्व उतना ही बढ़ जाता है। जब एक याचिका पर पर्याप्त संख्या में हस्ताक्षर हो जाते हैं तो यह ऑटोमेटिक ईमेल के रूप में संबंधित संस्थान (वह लक्ष्य जिसके पास समस्या को सुलझाने की योग्यता हो) तक पहुंच जाती है।
9 of 10
डेमो पिक
इन याचिकाओं ने पाई सफलता
दक्षिण अफ्रीका के कुछ देशों में भुखमरी मिटाने के लिए वर्ष 2010 में एक ऑनलाइन याचिका दायर की गई थी। इसका मकसद था कि संयुक्त राष्ट्र संघ ऐसे देशों की मदद के लिए आगे आए। एक साल के अंदर इस याचिका पर तीन करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर किए। जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस मसले को गंभीर माना और डब्ल्यूएचओ की मदद से ऐसे चिन्हित देशों के लिए विशेष योजनाएं शुरू कीं। इसी तरह हाल ही में रिसर्च फेलोशिप बढ़ाने के लिए देशभर के छात्रों ने एक ऑनलाइन याचिका दायर की। सात माह में इस याचिका पर तीन लाख छात्रों ने हस्ताक्षर किए। आखिरकार छात्रों के आगे सरकार को नतमस्तक होना पड़ा और सरकार ने छात्रों की फेलोशिप में बढ़ोतरी कर दी।
अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानियों ने भी दायर की याचिका
दूसरी ओर अमेरिका में रहने वाले कुछ पाकिस्तानियों ने भी भारत के खिलाफ ऑनलाइन याचिका दायर की है। इसमें पाकिस्तानियों ने बलूचिस्तान में हो रही घटनाओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र संघ से मांग किया है कि भारत के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस याचिका को दायर किए हुए दस माह हो चुके हैं और अभी तक केवल 70 हजार लोगों ने ही इसपर अपने हस्ताक्षर किए हैं।