श्रीनगर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी मुठभेड़ में डेरापुर कस्बे के आंबेडकर नगर निवासी रोहित यादव शहीद हो गए थे। घर पर रोहित के शहीद होने की खबर पहुंचते ही पत्नी वैष्णवी और मां की हालत बिगड़ गई। आननफानन में डॉक्टरों की एक टीम ने दोनों की जांच की। जिसके बाद रोहित की पत्नी रूबी की स्थिती सामान्य हो सकी।
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डॉक्टरों ने की शहीद की पत्नी की जांच
- फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलते ही शुक्रवार को शहीद के घर रिश्तेदारों के साथ जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों का तांता लगा रहा। परिजनों को सभी सांत्वना देते रहे। वहीं, लाल के जाने के गम में कई बार मां और पत्नी की बदहवास होकर हालत बिगड़ी। वहां मौजूद चिकित्सकीय टीम ने उनका उपचार किया।
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रोहित के शहीद होने की खबर सुनते ही घर में मच गया कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
सभी को शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार है। जिससे उसका अंतिम दर्शन कर सके। डेरापुर कस्बे के अंबेडकर नगर निवासी शहीद रोहित यादव के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने को लेकर लोगों का बेसब्री से इंतजार रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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शहीद रोहित की मां
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान आस-पास के गांवों के साथ रिश्तेदार व्यवहारी, जनप्रतिनिधि समाजसेवी का शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए तांता लगा रहा। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे डेरापुर एसडीएम दीपाली भार्गव शहीद के घर पहुंचीं। उन्होंने शहीद के पिता को ढांढस बंधाया।
पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान कानपुर देहात निवासी शहीद जवान रोहित
- फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी वैष्णवी उर्फ रूबी यादव एसडीएम से लिपट र्गइं और रोती रही। उन्होंने वैष्णवी को ढांढस बंधाया। शहीद की मां विमला देवी ने रोते हुए कहा कि या तो मुझे गोली मार दो या मेरे लाल को मुझे ला दो। गमगीन माहौल में छोटा भाई सुमित, बड़ी बहन प्रियंका भी सुबकती रही।