देश में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए पानी से चलने वाली मोटर साइकिल का अविष्कार हुआ है।
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एमएसएमई-एक्सपो में मोटर साइकिल
- फोटो : अमर उजाला
यह मोटर साइकिल एक लीटर पानी में 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। मोटर साइिकल से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा। आईआईए भवन, पनकी में आयोजित दो दिवसीय एमएसएमई-एक्सपो 2018 के अंतिम दिन रविवार को पानी से चलने वाली बुलेट मोटर साइकिल चर्चा का विषय बनी रही।
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एमएसएमई-एक्सपो में मोटर साइकिल
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मोटर साइकिल का आविष्कार करने वाले गुजैनी निवासी अहिबरन सिंह वर्मा ने बताया कि पूरे विश्व में 4 स्ट्रोक इंजन के वाहन का प्रयोग किया जाता है। यह सर्वाधिक वायु प्रदूषण करता है। इससे निजात के लिए वाहनों को 6 स्ट्रोक किया जाना जरूरी है। 6 स्ट्रोक वाहन हाइब्रिड मोनो कांबिनेशन टेक्नोलॉजी पर काम करता है।
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एमएसएमई-एक्सपो में मोटर साइकिल
- फोटो : अमर उजाला
यह 90 प्रतिशत तक वातावरण को साफ रखने में सहायक है। 6 स्ट्रोक वाहन को हम पानी से भी चला सकते हैं। पानी मे दो प्रकार के घटक होते है हाईड्रोजन और ऑक्सीजन। दोनाें को अलग कर दिया जाए तो यह पेट्रोल का काम करेगा। 4 स्ट्रोक वाहन को 6 स्ट्रोक वाहन में तब्दील किया जा सकता है। वह इस तकनीक को किसी कंपनी को बेचना चाहते हैं।
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पानी से चलने वाली मोटरसाइकिल
- फोटो : अमर उजाला
डीएमएसआरडीई के स्टाल पर वैज्ञानिक अशोक कुमार गौतम ने संगठन की ओर से विकसित किए गए उत्पादों के विषय में लोगों की जिज्ञासाओं को शांत किया। उन्होंने मात्र सात किलोग्राम वजन की बुलेट प्रूफ जैकेट के बारे में बताया।
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पानी से चलने वाली मोटरसाइकिल
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यह जैकेट एके-47, इंसास राइफल जैसे नवीनतम आयुध उपकरणों से भी सैनिकों की रक्षा करती है।
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पानी से चलने वाली मोटरसाइकिल
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही उन्होंने ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, एंटीमाइन बूट, एनबीसी सूट व रेगिस्तानी सैन्य क्षेत्रों में प्रयोग होनी वाली पानी की बोतल आदि के विषय में लोगों को जानकारी प्रदान की।
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पानी से चलने वाली मोटरसाइकिल
वेंडर विकास कार्यक्रम और एमएसएमई-एक्सपो 2018 का आयोजन इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विकास संस्थान और नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉपोरेशन की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।
लगभग 700-800 उद्यमियों एवं उनके प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉलों पर जाकर सरकारी एवं एमएसएमई इकाइयों की क्षमताओं एवं उनके द्वारा उत्पादित किये जा रहे उत्पादों के विषय में जानकारी ली।