विभिन्न रंगों के फूल व पत्तियों के साथ घरों के आंगन व छतों में रखे गमलों में यदि आम के फल लगे दिखाई दे तो चौकिए नहीं, अब आम की ऐसी वैरायटी आ गई है जिसका पेड़ गमलों में लगाया जा सकता है। साथ ही बिन मौसम भी आम का स्वाद लिया जा सकता है।
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गमले में लगे आम के पेड़ में लगा फल व जानकारी देते मुकेश पाठक।
- फोटो : अमर उजाला
शहर के मोहल्ला समदनगर निवासी मुकेश पाठक के आंगन में लगे गमलों में आम के पेड़ व फल देखकर लोग अचंभित हो रहे है। मुकेश पाठक पेशे से अधिवक्ता है। उन्हें पेड़ पौधों से अधिक लगाव है। पेड़ पत्तियों के साथ नई किस्म के पौधेे लगाकर उनकी देखभाल करना उनकी दिनचर्या में शामिल है। एक वर्ष पहले वह कलकत्ता गए थे। वहां उन्होंने आम की नई वैरायटी देखी, जिसे गमलों में भी लगाया जा सकता था।
गमले में आम के पेड़ की नई किस्म के बारे में सुनते हुए रिसर्चर
मुकेश आम्रपाली वैरायटी के दो पेड़ अपने घर लाए और गमलों में लगाया। दो से ढाई फीट ऊंचे आम के पेड़ों में इस समय बिन मौसम फल आ रहे है। इसे देखकर आसपास के लोग भी अचंभित है। इस पेड़ में एक वर्ष में दो बार आम के फल आते है। लोग आम्रपाली वैरायटी लगाकर न सिर्फ आंगन को हराभरा कर सकते है बल्कि साल में दो बार फल भी ले सकते है।