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kanpur encounter: विकास दुबे की मदद के लिए उज्जैन जा रहा था करीबी बऊआ, मुठभेड़ में मारा गया

Fri, 10 Jul 2020 02:04 AM IST
शिखा पांडेय सुनील कुमार मिश्र, अमर उजाला, इटावा
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मुठभेड़ में मारा गया बऊआ - फोटो : अमर उजाला
इटावा जिले में मुठभेड़ में मारा गया कानपुर के बिकरू गांव निवासी प्रवीण दुबे उर्फ बउआ विकास दुबे का बेहद करीबी था। उसके साथ कई वारदातों को अंजाम दे चुका था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बउआ को विकास के उज्जैन पहुंचने की जानकारी थी। उसकी मदद के लिए वह तीन अन्य साथियों को लेकर उज्जैन जा रहा था।
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों ने बकेवर में कार लूटने के बाद पुलिस से बचने के लिए मुख्य हाईवे छोड़कर पुराना मुगल रोड पकड़कर मध्य प्रदेश का रुख करने का प्लान किया था, लेकिन अलर्ट मोड पर खड़ी पुलिस का बदमाशों से कचौरा घाट रोड पर आमना-सामना हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस की छानबीन में सामने आया कि विकास के हरियाणा से निकलते ही बउआ को इसकी सूचना मिल गई थी।


 
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मुठभेड़ में मारा गया बऊआ - फोटो : अमर उजाला
वह आका के पहुंचने से पहले खुद उज्जैन पहुंचना चाहता था। प्लानिंग के मुताबिक रास्ते में खतरा बढ़ने पर बउआ और उसके साथी भिंड से लगे बीहड़ के जंगली इलाकों में पनाह लेते। यहीं से वे यूपी पुलिस की गतिविधियों की जानकारी विकास तक पहुंचाते रहते। यहां भी किसी तरह का खतरा महसूस होता तो चंद कदम पैदल चलकर एमपी की सीमा में पहुंचना उनके लिए आसान होता।

 

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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों मुताबिक विकास के उज्जैन में सरेंडर की पटकथा तैयार होने के बाद ही बउआ और उसके साथी निकले थे। इनके पास भारी मात्रा में गोला बारूद और हथियार था। प्लानिंग थी कि विकास को एमपी से लेकर यूपी पुलिस इटावा के रास्ते ही कानपुर या लखनऊ निकलती। इटावा से सटा एमपी का हर बार्डर बीहड़ के कटीले जंगलों से घिरा है। यहां बदमाश पुलिस टीम पर हमला करके विकास को छुड़ाने का प्रयास करते।
 
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इसी गाड़ी से भाग रहे थे बदमाश - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अफसरों का कहना है कि बउआ के फरार साथियों के पकड़े जाने पर सरेंडर के पीछे की पटकथा का राज भी सामने आएगा। फिलहाल जिले के हर बार्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है आईजी मोहित अग्रवाल के मुताबिक बउआ का घर विकास के घर से ठीक सटा हुआ है। वह विकास का बेहद भरोसेमंद और खास था।

 
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विकास दुबे - फोटो : अमर उजाल ा
विकास के साथ वह बड़े वारदातों में साथ रहता था और मुश्किल आने पर ढाल बनकर आगे खड़े होकर पहले गोली चलाता था। विकास को पकड़ने के लिए पुलिस टीम बिकरू गांव में दबिश देने पहुंची तो सबसे पहले बउआ ने ही अपने घर की छत से फायर करना शुरू किया था। कानपुर कांड के बाद पुलिस की सरगर्मी जिस तरह बढ़ी उससे साफ था की घटना में शामिल हर आरोपी कानपुर छोड़ चुका था।

 
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विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में अचानक बउआ और उसके साथियों की इटावा में धमक ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश जिले में ही कहीं ठिकाना ढूंढकर छिपे बैठे थे। विकास के सेफ जोन पर पहुंचने की जानकारी मिलते ही ये भी उज्जैन का रुख कर दिए। उनके और साथियों के यहां छिपे होने की आशंकाएं भी गहरा रही हैं। पुलिस की करीब पांच टीमें चकरनगर, उदी, बकेवर, इकदिल सहित कई इलाके में लगातार छानबीन करने में जुट गईं हैं।
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