दक्षिण भारत में निपाह वायरस की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। चमगादड़ से फैल रहे निपाह वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है।
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डेमाे पिक
वैसे अभी तक उत्तर भारत में इस वायरस का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है लेकिन इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग के संक्रामक रोग विभाग को पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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केरल में निपाह से कई मौतों के मामले सामने आए हैं। गाजियाबाद में भी निपाह वायरस का संदिग्ध मरीज मिल चुका है। निपाह वायरस की दस्तक के बीच उन्नाव जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
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संक्रामक रोग विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. आरएस मिश्रा के अनुसार निपाह वायरस इंसान के शरीर पर सीधा असर डालता है। स्वाइन फ्लू के वायरस से कहीं अधिक निपाह वायरस खतरनाक है।
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उन्होंने बताया कि इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति के इलाज को लेकर अभी अधिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। सुअर पालन करने वाले लोगों को अधिक सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि केरल व उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
अलर्ट जारी पर तैयारियां कुछ भी नहीं
शासन ने निपाह वायरस की दस्तक के बाद भले ही अलर्ट जारी कर दिया है लेकिन जिला स्तर पर इसके बचाव व जांच के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वायरस से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से नमूने लेने के लिए विशेष सेल्फ प्रोटेक्शन किट की जरूरत पड़ती है। लेकिन विभाग के पास अभी यह उपलब्ध नहीं है। यही नहीं बचाव के लिए मास्क भी नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही अगर कोई मरीज मिलता है तो उसे कहां रखा जाएगा इसके लिए भी कोई स्थान चयनित नहीं किया गया है।