फेसबुक पर फॉलोअर की संख्या दिला सकती है नौकरी
फॉलोअर की संख्या से समाज में अापकी लोकप्रियता का पता चलता है। नौकरी में कई बार ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है जिसके फॉलोअर ज्यादा होते हैं। फेसबुक के फॉलोअर ज्यादा होने पर आपको नौकरी का भी अवसर प्राप्त हो सकता है। यह जानकारी मल्टीनेशनल कंपनी ओरेकल के निदेशक एचसीएम नीरज नारंग ने दी।
कानपुर स्थित डॉ. गौर हरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (जीएचएस-आईएमआर) में शनिवार को 5वीं इंटरनेशनल एचआर समिट ‘ह्यूमन सोर्स-2018’ का आयोजन हुआ। इसमें देश और दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने छात्रों से संवाद किया। समिट में पहुंचे सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की मल्टीनेशनल कंपनी ओरेकल के निदेशक एचसीएम नीरज नारंग ने मल्टीनेशनल कंपनियों के रिक्रूटमेंट प्रॉसेस में आए बदलाव की जानकारी दी। बताया कि नौकरी के लिए आने वाले बायोडाटा की सबसे पहले कंपनी में स्क्रीनिंग की जाती है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका काफी अहम है। फेसबुक पर कैंडीडेट का प्रोफेइल चेक किया जाता है। उसके पोस्ट से उसके विचारों को समझने में मदद मिलती है।
कई बार ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है जिसके फॉलोअर ज्यादा होते हैं। ऐसे लोग हमारी कंपनी के ब्रांड के रूप में भी काम करते हैं। नकारात्मक विचार रखने वालों को भी छांट लिया जाता है क्योंकि ऐसे लोग कंपनी के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। नारंग ने बताया कि उम्मीदवार के पास टीम वर्क करने की योग्यता देखी जाती है। इसके पहले मुख्य अतिथि नोवेल एकेडमी नेपाल के चेयरमैन डॉ. बिसेश्वर आचार्य और जीएचएस-आईएमआर के निदेशक प्रो. राकेश प्रेमी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सॉफ्टवेयर बॉक्स लिमिटेड के महाप्रबंधक नवरीत मिशेल मिल्टन, कर्नल मुकुल सक्सेना, डॉ. मोनिका श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। हरकीरत और हर्षिता ने कार्यक्रम का संचालन व देवेंद्र जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।