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सच चौंका देगा लेकिन हकीकत तो यही है, देशी घी समझकर आप खा रहे हैं ये एसिड 

Thu, 14 Feb 2019 05:42 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- महंगी देशी घी की मिठाई और बेकरी उत्पादों में भी हो रही मिलावट
- आम और नामचीन दुकानों में इस्तेमाल हो रहा एसिड से बना घी
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कानपुर वासियों को इस बात का अहसास नहीं है कि नामचीन दुकानों की जिस मिठाई, बेकरी उत्पाद या दालमोठ आदि को देशी घी से बना समझ रहे हैं, वह घी नहीं बल्कि घातक एसिड है। कानपुर वासी देशी घी की जगह ब्यूटीरिक एसिड से बनी चीजें खा रहे हैं। कानपुर की आम हो या खास, अधिकतर दुकानों में इसी एसिड से बने देशी घी का इस्तेमाल हो रहा है। 

दो दिन पहले गोविंद नगर में पकड़ी गई संगम फूड प्रोजक्ट नामक फैक्ट्री में इसी एसिड से बनाया जा रहा नकली देशी घी बड़े पैमाने पर बरामद हुआ था। कंपनी के सप्लाई रजिस्टर के मुताबिक शहर की कई नामचीन मिठाई और बेकरी की दुकानें इस फैक्ट्री का एसिड से बना घी खरीद रही थीं।
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बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद में लोग एसिड से बनी मिठाई खाकर अपने लिवर और पेट को नुकसान पहुंचा रहे हैं। त्योहारों और खास मौकों पर खोये में मिलावट का पता चलने पर अधिकतर लोगों ने खोये की मिठाइयों से किनारा कर लिया।

मिलावटी मिठाई से बचने के लिए लोग नामचीन और देशी घी से बनी महंगी मिठाई खरीदने लगे। बड़ी संख्या में लोगों ने मिठाई की बजाय बेकरी उत्पाद खरीदना शुरू कर दिया।
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अब देशी घी की खुशबू वाले एसिड से मिलावटी घी बनाने का खुलासा होने के बाद एक बार फिर खानपान में लोगों के सामने विश्वास का संकट खड़ा हो गया है। लोगों की मानें तो वह ऊंची कीमत चुकाकर देशी घी की मिठाइयां नामचीन दुकानों से शुद्धता के विश्वास में खरीदते थे। अब समझ नहीं आ रहा है कि क्या खाएं। मिठाई ही नहीं अब देशी घी खरीदने में भी भरोसा उठ गया है।


हर चीज में मिलावट का खुलासा हो रहा है। लगता है कि अपना शहर मिलावट का हब बन गया है। क्या खाएं और क्या न खाएं जैसे विचार मन में चलते रहते हैं। सोचा ही नहीं था कि मिलावटी देशी घी बनाने में केमिकल का इस्तेमाल होता है।

- जितेंद्र सिंह सेंगर, गूबा गार्डेन


सस्ती मिठाइयों के बजाय देशी घी की मिठाइयों को ज्यादा सही माना जाता है। सोचते थे कि इनमें तो शुद्ध देशी घी ही मिला होगा। इसलिए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं रहेंगी। पहले मिलावट के डर से खोया छोड़ा और अब देशी की घी मिठाइयां भी छोड़ देेंगे।

- अमित मिश्रा, कौशलपुरी

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ज्यादा मात्रा होने से किडनी, लिवर के लिए खतरनाक
ब्यूटीरिक एसिड सेंट रिफाइंड और वनस्पति घी में मिलाने पर देशी घी की तेज गंध पैदा करता है। यह केमिकल बाजार में आसानी से उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में घी, मक्खन आदि की खुशबू बढ़ाने के लिए बेहद सीमित मात्रा में होता है। इस केमिकल को संगम फूड फैक्ट्री में अधिक मात्रा में नकली तेल में मिलाया जा रहा था, ताकि उसे घी बताया जा सके। इसकी अधिक मात्रा सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।

अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने आशंका जताई कि वनस्पति या रिफाइंड में मिलाए जाने वाला सेंट ब्यूटीरिक एसिड है। फैक्ट्री में भारी मात्रा में यह केमिकल मिला था। इसकी खोज फ्रांसीसी रसायन विज्ञानी ने 1814 में की थी। तेज गंध के कारण इसे खाद्य पदार्थों में सुगंध या स्वाद के लिए मिलाया जाने लगा। इसका नमूना भरकर प्रयोगशाला में भेजा गया है। प्रयोगशाला को लिखा है कि देखा जाए कि यह सेंट आखिर कौन सा केमिकल है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगा कि यह ब्यूटीरिक एसिड है या नहीं।
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इम्यून सिस्टम होता प्रभावित
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. एसके गौतम ने बताया कि ब्यूटीरिक एसिड का प्रयोग मिलावट के लिए किया जाता है। ब्यूटीरिक एसिड मिला खाद्य पदार्थ खाने से लिवर, पेट और गुर्दा रोग हो सकता है। यह आपके इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। इससे कैंसर तक हो सकता है।
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