नवरात्र के दौरान विधि-विधान से पूजन, व्रत-अनुष्ठान करने पर माता आदि शक्ति जगदम्बा भक्तों पर अपनी कृपा बरसाएंगी। ज्योतिषाचार्य व पं. नरेंद्र शास्त्री नवरात्रि पर पूजन के विधान के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। जानिए, माता रानी को भोग व श्रृंगार के सामान में क्या अर्पित करें जिससे मां भक्तों को सुखी जीवन का वरदान दें।
विज्ञापन
2 of 8
नवरात्र विशेष
मां के 9 रूप
मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री मां के नौ अलग-अलग रूप हैं।
विज्ञापन
ये लगाएं मां को भोग
3 of 8
नवरात्र विशेष
प्रतिपदा- गाय का घी अर्पित कर उसे ब्राह्मण को दान करें। इससे मनुष्य कभी रोगी नहीं हो सकता।
द्वितीया- चीनी का भोग लगाएं, ब्राह्मण को दान करें। दीर्घायु प्राप्त होगी।
तृतीया- दूध चढ़ाएं। दुखों से मुक्ति मिलेगी।
चतुर्थी- मालपुआ अर्पित करें। किसी प्रकार का विघ्न सामने नहीं आएगा।
4 of 8
नवरात्र विशेष
पंचमी- केला चढ़ाएं। बुद्धि का विकास होगा।
षष्ठी- मधु अर्पित करने से साधक सुंदर रूप प्राप्त करता है।
सप्तमी- गुड़ का भोग अर्पित करें, शोक से मुक्ति मिलेगी।
अष्टमी - नारियल चढ़ाएं, संताप नहीं आ सकता।
नवमी- धान का लावा चढ़ाएं, लोक व परलोक में सुख मिलेगा।
विज्ञापन
श्रृंगार का ये सामान करें अर्पित
5 of 8
नवरात्र विशेष
पहले दिन - लाल-पीले सुगंधित द्रव्य, कंघा आदि।
दूसरे दिन - चोटी, रेशमी डोरी।
तीसरे दिन - सिंदूर, शीशा, आलता, मेंहदी, महावर।
चौथे दिन - बिंदी, रोली, काजल।
पंचम दिन - केशर चंदन युक्त पाउडर।
छठे दिन - अनारफल।
सातवें दिन - सौभाग्य पेटिका।
विज्ञापन
कन्या पूजन से लाभ
6 of 8
नवरात्र विशेष
- एक कन्या पूजन से एश्वर्य
- दो की पूजा से भोग
- तीन की पूजा से धर्म, अर्थ और कार्य
- चार की पूजा से राज्यपद
विज्ञापन
7 of 8
नवरात्र विशेष
- पांच की पूजा से विद्या
- छ की पूजा से षटकर्म सिद्धि
- सात की पूजा से राज्य
- आठ की पूजा से संपदा
- नौ की पूजा से पृथ्वी के प्रभुत्व की प्राप्ति।