आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है। कोरोना काल में सात महीने बाद जब कानपुर सहित आसपास के जिलों में माता के मंदिरों के कपाट खुले तो भक्तों की भीड़ उमड़ उठी। सुबह से ही मंदिरों में पूजा अर्चना शुरू हो गई। मंदिरों के बाहर मां के दर्शन के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग गईं।
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बांटे गए मास्क
- फोटो : amar ujala
इन सब के बीच कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया गया। मंदिरों के बाहर प्रशासन ने मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था कर रखी थी। कानपुर के बारहदेवी मंदिर में जो भक्त बिना मास्क के पहुंचे उन्हें मास्क उपलब्ध कराया गया।
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सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही पुलिस
- फोटो : amar ujala
आचार्य राजेश शुक्ला ने बताया कि पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। अनलॉक-5 के चलते कानपुर सहित आसपास के जिलों के सभी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थी। बता दें कि माता रानी के मंदिरों में नौ दिनों तक विशेष पूजा अर्चना होगी।
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मंदिर में दर्शन के लिए लगी लंबी लाइन
- फोटो : amar ujala
इस बार नवरात्र का आरंभ शनिवार के दिन हो रहा है। ऐसे में देवी भागवत पुराण के अनुसार माता का वाहन अश्व होगा। ऐसे में पड़ोसी देशों से युद्ध, छत्र भंग, आंधी-तूफान के साथ कुछ राज्यों में सत्ता में उथल-पुथल भी होने की आशंका है।
माता के दर्शनों के लिए लगी लंबी लाइन
- फोटो : amar ujala
माता की विदाई भी भविष्य में घटने वाली घटनाओं की ओर इशारा करती है। इस बार विजयादशमी रविवार को है। शास्त्रों के अनुसार रविवार के दिन विजयादशमी होने पर माता भैंसे पर सवार होकर कैलाश की ओर प्रस्थान करेंगी।