यूपी के बांदा जिले में पालों में बंटे कांग्रेसियों को एक झंडे तले लाने की पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कवायदें शुरू कर दी हैं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद पहली बार गृह जनपद आए सिद्दीकी ने मंगलवार को 30 से अधिक चुनिंदा पुराने कांग्रेसी नेताओं के घर-घर जाकर दस्तक दी। इनमें कुछ रूठे थे और कुछ गुटबंदी के शिकार हैं।
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कांग्रेस के पूर्व सांसद रामनाथ दुबे से उनके आवास पर मिलते पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
नसीमुद्दीन भ्रमण के तीसरे दिन लाव-लश्कर के साथ सुबह ही आवास से निकल पड़े। शहर के पुराने और घर बैठ गए कांग्रेसी नेताओं और रूठे कार्यकर्ताओं की लिस्ट उनके पास थी। एक-एक कर प्रत्येक के घर जाकर मुलाकात की। एकजुट होकर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मान-मनौव्वल किया। कई रूठे नेताओं की जुबां पर गिले-शिकवे आ ही गए। सिद्दीकी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी का वास्ता देकर कहा कि लोकसभा चुनाव तक सारे गिले-शिकवे भुला दें। कांग्रेस को मजबूत करें।
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नसीमुद्दीन सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से कहा कि वे सक्रिय हों और उन्हें भी निर्देश दें। नसीमुद्दीन ने पूर्व सांसद और पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ दुबे, पूर्व विधायक शिरोमणि भाई, प्रदेश कांग्रेस सदस्य बी. लाल, श्रीप्रकाश पिंटू, रामसेवक जड़िया, हरिश्चंद्र वाजपेयी, स्वतंत्रता सेनानी परिवार के अधिवक्ता बीएम गुप्ता, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष हरीशंकर सिंह, सूबेदार सिंह, महिला कांग्रेस की सीमा खान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे मदन भाई के पुत्र अरुण यादव, पूर्व सांसद भीष्मदेव दुबे के पुत्र प्रद्युम्न दुबे, डॉ. साबिर न्याजी, वरिष्ठ अधिवक्ता मिर्जा यावर हुसैन, भगवानदीन गर्ग, राजकुमार गर्ग, कृपाला बाबू परिवार, प्रो. शिवशरण दादू के परिवार और संतोष जारी वालों से मुलाकात की।
सिद्दीकी ने कहा कि वह अगले चरण में गांवों में भी बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उनके साथ जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, शहर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्ता, उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी, पीसीसी सदस्य मुमताज अली, संतोष द्विवेदी, जमीरुद्दीन सिद्दीकी, जावेद खां, अब्दुल मजीद, मोहम्मद यार खां, नफीस गावस्कर, शंभू दयाल भी शामिल रहे।